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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:40 AM IST
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अनुवादक: Mousumi Dutta
भारतीय व्यंजन में अचार की भूमिका को कोई नकार नहीं सकता। बिना अचार के खाने का स्वाद अधुरा-सा लगता है। लेकिन सच तो ये है कि हद से ज्यादा अचार खाना भी स्वास्थ्य के हानिकारक साबित हो सकता है।
कैसे अचार स्वास्थ्य को पहुँचाता है नुकसान
अत्यधिक मात्रा में नमक- ये तो सभी को पता है कि हद से ज्यादा मात्रा में नमक खाने से हाइपरटेंशन और हार्ट डिज़ीज हो सकता है। यहाँ तक शरीर में पानी की मात्रा बढ़ जाने के कारण सूजन और वाटर रिटेंशन का प्रॉब्लम भी होता है। ब्लड का वोल्युम बढ़ जाने के कारण हाई ब्लड प्रेशर होता है। डब्ल्युएचओ के अनुसार हर दिन डायट में 5 ग्राम नमक की ही ज़रूरत होती है लेकिन एक चम्मच अचार में इससे कहीं ज्यादा नमक की मात्रा रहती है। होममेड अचार में आप प्रीर्जवेटिव के रूप में टेबल सॉल्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन मार्केट में जो अचार मिलता है उसमें प्रीर्जवेटिव के रूप में सोडियम बेनजॉएट होता है जिसमें कार्सिनोजेनिक होता है। इससे सेल्स में ऑक्सिजन की मात्रा में कम हो जाती है और इम्युन सिस्टेम कमजोर हो जाता है जो बाद में कैंसर होने का कारण बन सकता है।
अत्यधिक मात्रा में तेल- अचार को बनाते वक्त जिस चीज का अचार बनता है उसको बाहर के नमी से बचाने के लिए तेल में डुबोकर रखा जाता है जिससे कि जीवाणु वहाँ न पनप सके और वह चीज नष्ट न हो जाय। इसलिए अत्यधिक मात्रा में तेल के खपत से कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा हो जाता है। जो दिल की बीमारी को अनायास ही दावत दे देता है। यहाँ तक कि हाई कोलेस्ट्रॉल से लीवर को भी नुकसान पहुँच सकता है।
गैस्ट्रिक कैंसर का खतरा- सदर्न इंडिया में एक अध्ययन से ये बात सामने आई है कि सब्ज़ियों वाले अचार के सेवन से गैस्ट्रिक कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है।
इसोफिगल कैंसर का खतरा- अध्ययन से ये साबित हुआ है कि वेजटबल पिकल या अचार के सेवन से इसोफेगल कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन इस रिसर्च का रिजल्ट अभी तक पूरी तरह से साबित नही हुआ है।
अगर अचार खाने से शरीर को इतना नुकसान ही पहुँचता है तो फिर क्यों भारतीय परंपरा में अचार खाने का चलन है। हाँ, आप इसको कम मात्रा में ज़रूर ले सकते हैं।
चित्र स्रोत: Shutterstock
संदर्भ
Sumathi B, Ramalingam S, Navaneethan U, Jayanthi V. Risk factors for gastric cancer in South India. Singapore Med J. 2009 Feb;50(2):147-51.
2-Islami F, Ren J-S, Taylor PR, Kamangar F. Pickled vegetables and the risk of oesophageal cancer: a meta-analysis. British Journal of Cancer2009;101(9):1641-1647. doi:10.1038/sj.bjc.6605372.