इन 5 आसान एक्सरसाइज़ से ब्लड शुगर करें कंट्रोल

डायबिटीज के मरीज़ों को रोजाना 30 मिनट चलने से हो सकता है बड़ा फायदा!

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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 12:16 PM IST

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अनुवादक – Usman Khan

इसमें कोई दो राय नहीं है कि एक्सरसाइज़ से ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रखने में मदद मिलती है। अगर आप डायबिटीज के मरीज़ हैं तो, एक्सरसाइज़ आपकी दिनचर्या का एक अहम हिस्सा होना चाहिए।  हो सकता है कि व्यस्त जीवनशैली के चलते आपको इसके लिए समय नहीं मिल पाता हो, लेकिन अगर आपका ब्लड शुगर लेवल बढ़ गया है, तो आपको एक्सरसाइज़ शुरू कर देनी चाहिए। अगर आप सोच रहे हैं कि क्या एक्सरसाइज़ की जाए, तो हम आपकी मदद कर सकते हैं। यहां हम आपको पांच फिजिकल एक्टिविटी बता रहे हैं, जिनके ज़रिये आप ब्लड शुगर कंट्रोल कर सकते हैं। पढ़ें: हल्दी करती है ब्लड-शुगर लेवल कम! जानिये कैसे

1) वाकिंग- ये एक्सरसाइज़ का सबसे सरल तरीका है। इसके लिए आपको किसी भारी उपकरण और जिम की ज़रुरत नहीं है। वास्तव में, हर दिन केवल 30 मिनट वाकिंग करने से ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। अध्ययनों के अनुसार, हर हफ्ते दो से तीन घंटे तेज़ गति से चलने से डायबिटीज की जटिलताओं की संभावना को कम किया जा सकता है।

2) ताई ची (Tai Chi)- इस चीन की पारंपरिक मार्शल आर्ट का मन और शरीर को शांत रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। फ्लोरिडा यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने महिलाओं के एक समूह पर अध्ययन किया। उन्होंने पाया कि 16 महीने तक ताई ची करने वाली महिलाओं को ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने में सहायता मिली थी। इसके अलावा ताई ची से वजन घटाने और मांसपेशियों को लचीला बनाने में भी मदद मिलती है।

3) योग- टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए एक्सरसाइज़ का एक बहुत अच्छा रूप योग है। अध्ययनों के अनुसार, रोजाना योग करने से दोनों तरह के ब्लड शुगर लेवल कम किया जा सकता है। योग इंसुलिन के उत्पादन में सुधार करने में भी मदद करता है। ये बॉडी फैट कम करने और वजन घटाने में भी सहायक है। इतना ही नहीं इससे स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल के स्तर को कम करने में मदद मिलती है। योग इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता में सुधार करने में मदद करता है।

4) कार्डियो- साइकल चलाना, नृत्य, तैराकी या किसी भी कार्डियो गतिविधि से हार्ट बीट सुधारने, कैलोरी बर्न करने और ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रखने में मदद मिलती है। अध्ययनों से पता चलता है हाई-इंटेंसिटी कार्डियो वर्कआउट से ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल किया जा सकता है।

5) वेट ट्रेनिंग- ये एक हाई-लेवल इंटेंसिटी वर्कआउट है। वैसे डायबिटीज के रोगियों के लिए कार्डियो और वेट ट्रेनिंग बेहतर है। वेट ट्रेंनिग और एरोबिक्स करने वाले लोगों को डायबिटीज के लक्षणों का खतरा कम रहता है। ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रखने के लिए आप एक हफ्ते में दो या तीन बार वेट ट्रेनिंग करनी चाहिए।

इन बातों का भी रखें ख्याल

  • एक्सरसाइज़ से पहले ब्लड शुगर लेवल चेक कर लें।
  • अगर ब्लड शुगर 100 एमजी / डीएल से कम है, तो कुछ खा लें।
  • एक्सरसाइज़ से आधे घंटे पहले फल, मल्टीग्रेन या सैंडविच खाना अच्छा विकल्प है।
  • अगर ब्लड शुगर 250 एमजी / डीएल से ज्यादा है, तो आपकी बॉडी को इंसुलिन की ज़रुरत है।
  • इंसुलिन कम होने से वसा टूट सकता है और ग्लूकोज लेवल बढ़ सकता है।
  • ब्लड शुगर नोर्मल यानी 250 एमजी / डीएल से कम होने पर इंसुलिन लेना कम कर दें।

चित्र स्रोत - Shutterstock

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