... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:36 AM IST
Read this in English.
अनुवादक – Usman Khan
कान में दर्द किसी को भी हो सकता है। कान में दर्द होने पर आपका दिमाग स्थिर नहीं रहता है और आप बेचैन हो जाते हैं। कई बार ये दर्द इतना बढ़ जाता है कि आपका खाना-पीना, उठना-बैठना यहां कि चैन से सोना तक हराम हो जाता है। वैसे कान का दर्द इन्फेक्शन के कारण होता है, जिसका एन्टीबायोटिक दवाओं के साथ इलाज किया सकता है। लेकिन ज्यादातर स्थितियों में ये दर्द ठंड, मैल, कान से निकलने वाले पानी आदि का परिणाम हो सकता है। इस तरह की समस्या अगर ज़्यादा गंभीर न हों, तो आप दवाएं लेने की बजाएं घरेलु उपचार आज़माकर देख सकते हैं। कान में दर्द घरेलु उपचार से काफी हद तक ठीक हो जाता है। पढ़ें: कान में दर्द हो तो लहसुन का करें ऐसा इस्तेमाल
1) ठंडे या गर्म पानी का सेक
अन्य दर्द की तरह कान के दर्द को भी बर्फ या गर्मी के सेक से काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसके लिए एक सूती कपड़ा गर्म पानी में भिगोकर निचोड़ लें और इसे अपने कान और आसपास के हिस्से पर रखें। दूसरा तरीका ये है कि आप गर्म पानी की जगह ठंडा पानी इस्तेमाल कर सकते हैं। ध्यान रहे कि पानी कान में नहीं जाना चाहिए।
2) एसेन्शल ऑयल की मालिश
कान के पास के हिस्से की एसेन्शल ऑयल से मालिश करने से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने में मदद मिलती है। इसके लिए आप लैवेंडर, नीलगिरी, अजवायन के फूल या कैमोमाइल तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। तेल की कुछ बूंदें गर्दन, जबड़े और गाल पर लगाकर नीचे की ओर दबाव बनाकर मालिश करने से लाभ होगा।
3) एसेन्शल ऑयल की भाप
कई लोगों को कान की यूस्टेचियन ट्यूब (Eustachian tubes) में दर्द होता है। ये ट्यूब नाक से जुड़ी होती है। इसलिए एसेन्शल ऑयल की कुछ बूंदें गर्म पानी में डालकर भाप लेने से कान के दर्द में राहत मिलती है। इसके लिए एक बड़े कटोरे में गर्म पानी लें और उसमें नीलगिरी या लैवेंडर तेल की 3-5 बूँद मिलाकर भाप लें। भाप लेते समय अपने सिर को किसी तौलिये से अच्छी तरह कवर कर लें।
4) लहसुन का लेप
लहसुन के एंटी-इन्फ्लैमटोरी गुणों की वजह से इसका कान के दर्द को दूर करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए लहसुन की एक कली को पीस लें और उसे एक रूई में लपेटकर एक गोलाकार बना लें। अब इसे अपने कान के अंदर रख लें। ध्यान रहे कि ये कान के ज्यादा अंदर न जाए।
5) प्याज का लेप
प्याज को थोड़े बड़े टुकड़ों में काटकर हल्की आंच पर सेक लें ताकि उसकी बदबू दूर हो जाये। थोड़े गर्म अवस्था में इन टुकड़ों को दोनों कानों में रख लें। इसके बाद एक तौलिया लेकर अपने कानों को लपेट लें ताकि टुकड़े बाहर न निकलें। यकीनन इस उपाय से कान का दर्द छूमंतर हो जायेगा।
6) सांस रोकने की तकनीक
जब कॉनजेस्टन के कारण यूस्टेचियन ट्यूब में रूकावट आ जाती है, तो एक तकनीक जिसे सांस बंद करने की पैंतरेबाज़ी (Valsalva maneuver) कहा जाता है, आपको राहत दिला सकती है। इसके लिए गहरी सांस लें, मुंह बंद रखें, नाक मजबूती से बंद रखें और नाक से हवा छोड़ने की कोशिश करें।
आपने गौर किया होगा कि ऊपर बताये गए उपायों में कहीं भी हर्बल ऑयल के इस्तेमाल का जिक्र नहीं किया गया है। दरअसल पुराने समय में स्वस्थ कान के लिए तेल के उपयोग की सलाह दी जाती थी लेकिन कई अध्ययनों से पता चलता है कि कान में तेल डालने से इन्फेक्शन का खतरा हो सकता है। इसलिए इन्फेक्शन या अन्य किसी समस्या से बचने के लिए आप इन्ही सरल उपायों का इस्तेमाल करें।
चित्र स्रोत - Shutterstock
संदर्भ: Elnima EI, Ahmed SA, Mekkawi AG, Mossa JS.The antimicrobial activity of
garlic and onion extracts. Pharmazie. 1983 Nov;38(11):747-8. PubMed PMID:
2 Silva J, Abebe W, Sousa SM, Duarte VG, Machado MI, Matos FJ.Analgesic and
anti-inflammatory effects of essential oils of Eucalyptus.J Ethnopharmacol. 2003 Dec;89(2-3):277-83. PubMed PMID: 14611892.