जोड़ों के दर्द में राहत के लिए लगाएं ये 4 आयुर्वेदिक तेल

क्या सर्दी के दिनों में जोड़ों का दर्द बढ़ जाता है?

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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:13 AM IST

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जाड़े का मौसम आ रहा है, और जैसे ही तापमान गिरना शुरू होता है वैसे ही जोड़ों का दर्द अपना असर दिखाना शुरू करता है। वैसे तो इससे लड़ने के लिए बहुत तरह की दवाओं बाजार में उपलब्ध हैं लेकिन इनसे कुछ ही समय के लिए आराम मिलता है। आयुर्वेदिक तेल एक ऐसा उपचार की पद्धति जो आपको जोड़ो के दर्द से राहत तो दिलाता ही है साथ ही इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। आयुर्वेदिक तेलों का इस्तेमाल जाड़े के दिनों में करने से गठिया के दर्द से बहुत आराम मिलता है। मिसेज़ गीता रमेश, कैराली आयुर्वेदिक ग्रूप के अनुसार इस तेल के इस्तेमाल करके देखें आपको मैजिकल आराम मिलेगा। पढ़े- जोड़ों के दर्द का निराला इलाज- अरंडी का तेल (castor oil)

जाड़े में ही जोड़ों का दर्द क्यों बढ़ता है?

जाड़े के दिनों में ठंड और सूखी हवा बहती है जिसके कारण शरीर में वात दोष बढ़ता है। और इसके बढ़ने के कारण जोड़ों के बीच फ्लूइड सूख जातें है जिसके कारण दर्द, अकड़न, सूजन जैसे प्रॉबल्म होते हैं।

आयुर्वेदिक तेल जोड़ों के दर्द को कम करने में कैसे काम करता है?

आयुर्वेदिक थेेरेपी से शरीर की जो अशुद्धियाँ टिशू में मिल जाती है उनको ये निकालने में मदद करता हैं जिनके कारण शरीर का वात दोष भी कुछ हद तक नियंत्रित होता है। गुनगुना गरम आयुर्वेदिक तेल के मसाज़ से वात दोष के कारण जो प्रॉबल्म शरीर में महसूस होता है उससे आराम मिलता है।

किस तरह का आयुर्वेदिक तेल दर्द से आराम दिलायेगा? पढ़े-  जोड़ों के दर्द में कभी न खाएं ये 4 तरह की चीज़ें

1) ध्वनतरम तैलम (Dhanwantharam thailam)- जिन लोगों के शरीर में अत्यधिक मात्रा में वात दोष होने के कारण जोड़ों में दर्द होता है उस क्षेत्र में ये बहुत काम करता है, जैसे- गठिया (rheumatoid), आस्टियो-आर्थराइटिस (osteo-arthritis), स्पोंडिलोसिस (spondylosis), सिरदर्द से आराम दिलाता है। ये तेल बालामूला (Balamoola), यावा (Yava), कोला (Kola), और कूलथा (Kulatha) के मिश्रण से बनता है।

2) कोट्टम चुकड्डी तैलम (Kottam Chukkadi thailam)- ये तेल विशेष रूप से उन मरीजों पर ज्यादा काम करता हैं जिनके जोड़ों में अत्यधिक सूजन और दर्द रहता है, जैसे- साइटिका (sciatica), अर्थराइटिस, स्पोंडिलोसिस में असरदार रूप से काम करता है। ये तेल अदरक, लहसुन, मरींगा (moringa), सरसों, तिल का तेल, दही और इमली का रस आदि से बनता है। अगर आप इस तेल का नियमित रूप से इस्तेमाल करेंगे लंबे समय इस दर्द से आपको आराम मिलेगा।

3) पेंडा तैलम (Penda Thailam)- जिन लोगों को गठिया का दर्द होता है उन लोगों को विशेष रूप से इस कूलिंग इफेक्ट वाले तेल को लगाने की सलाह दी जाती है। जिन लोगों के शरीर में अत्यधिक मात्रा में पित्त दोष होता है उन्हें इस तेल से बहुत आराम मिलता है। ये गठिया बीमारी को बढ़ने से रोककर दर्द से राहत दिलाता है।

4) वलिया नारायण तैलम (Valiya Narayan thailam)- ये तेल शरीर के वात और पित्त दोष को संतुलित करके जोड़ो के दर्द को कम करने में मदद करता है। ये तेल विलवा (Vilwa), अश्वगंधा, तिल का तेल, विरहाटी (Bhrihati) के मिश्रण से बनता है। आंख और नर्वस सिस्टेम संबंधी प्रॉबल्म में भी ये बहुत असरदार रूप से काम करता है। पढ़े-  इन लक्षणों को पहचान कर करें अर्थराइटिस की पहचान

इन तेल को लगाते हुए कुछ देर तक मसाज ज़रूर करें। ऐसा करने से आपको जल्दी फायदा होगा। इसके अलावा, हल्की फुल्की एक्सरसाइज़ भी आपके जोड़ों की समस्या को ठीक करने में मदद करती है।

मूल स्रोत: 4 Ayurvedic oils that can help relieve joint pain

अनुवादक: Mousumi Dutta

चित्र स्रोत - Shutterstock image


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