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हाइपोथायरायडिज्म या थॉयरायड हार्मोन में कमी के कई कारण हो सकते हैं। जहाँ एक कारण आयोडीन की कमी है, वहीँ आपकी इम्यून सिस्टम का उल्टा व्यवहार भी हो सकता है जो आपके थॉयरायड ग्रंथि को प्रभावित करके इसकी कार्य क्षमता को कम कर देता है। यहाँ पर कुछ और कारण बता रहें हैं जिससे थॉयरायड हार्मोन में कमी आती है। पढ़ें - क्या आपको थॉयरायड है?
शरीर में मरकरी का टॉक्सिक लेवल
आप कभी सोच भी नही सकते हैं कि आपकी कैविटीज आपके थॉयरायड ग्रंथि को प्रभावित कर सकती है। अगर आपके दांतों में बहुत सारी कैविटीज हैं ,जिसमें मरकरी की फिलिंग करा रखी है तो ये आपके थॉयरायड हार्मोन के निकलने की प्रक्रिया को धीमा कर देती हैं। अगर आपको दांतों की समस्या नही है तो फिर अधिक मात्रा में समुद्री मछलियों का सेवन जैसे टूना या सैमलान भी इसका मुख्य कारण हो सकता है। इन मछलियों में पाया जाने वाला मरकरी का टॉक्सिक लेवल हमारे थॉयरायड ग्रंथि के कार्य में बाधा डालता है। हालांकि यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि उसमे उपस्थित मरकरी की मात्रा कितनी थी और कितने समय के लिए यह धातु आपके शरीर में थी। शोध के अनुसार यह मरकरी, थॉयरायड हार्मोन के बनने में रुकावट पैदा करते हैं, इसलिए ग्रंथि से निकलने वाले थॉयरायड हार्मोन की मात्रा कम हो जाती है।
एस्ट्रोजेन की अधिक मात्रा
इसमें कोई आश्चर्य नही की जिन महिलाओं ने हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी का इस्तेमाल किया है वो हाइपोथायरायडिज्म की अधिक शिकार हैं। एस्ट्रोजेन की अधिक मात्रा या प्रोजेस्टेरॉन की कमी थॉयरायड की कार्यक्षमता को कम कर देते हैं। हाइपोथायरायडिज्म की शिकार जिन महिलाओं ने हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी का चुनाव किया है उनमें मासिक धर्म के दौरान इसकी मात्रा बढानी पड़ती है। पढ़ें - थायरॉयड और डाइबिटीज़ की समस्याओं में करें हलासन
क्रोनिक तनाव
तनाव के दौरान स्रावित होने वाले कॉर्टिसोल थॉयरायड हार्मोन को प्रभावित करते हैं।यह हाइपोथायरायडिज्म से ग्रसित लोगों का वजन बढ़ने का मुख्य कारण है।तनाव, हमारे नर्वस सिस्टम और अंत: स्राव के जरिये सीधे या परोक्ष रूप से हमारे इम्यून सिस्टम को प्रभावित करता है। लम्बे समय तक तनाव का होना, आपके थॉयरायड की क्षमता को कम करके हाइपोथायरायडिज्म होने का मुख्य कारण है। कुछ शोध बताते हैं कि ज्यादा तनाव आपको हाशीमोटो बीमारी का शिकार भी बना सकता है जिसमे थॉयरायड ग्रंथि एकदम से काम करना बंद कर देती है। सोया फ़ूड का ज्यादा इस्तेमाल – सोया फ़ूड के कुछ फायदे होने के बावजूद भी उनका अधिक सेवन आपके शरीर में थॉयरायड हार्मोन की कार्य क्षमता को कम कर देते हैं। इतना तय है की थायराइड ग्रंथि को ठीक से काम करने के लिए ,आपके शरीर में आयोडीन की आवश्यक मात्रा पूरी होनी चाहिए। पोषक तत्वों की कमी सिर्फ आयोडीन और जिंक ही नही, आपके शरीर में सेलेनियम की कमी भी आपके थायराइड को ठीक से काम करने में बाधा डाल सकती है। जबकि सेलेनियम साधारणतया प्रसव के बाद होने वाले हाइपोथायरायडिज्म को होने से रोकता है।
मूल स्रोत - 4 reasons your thyroid is an underperformer
अनुवादक – Anoop Singh
चित्र स्रोत - Shutterstock
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