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Written By: Usman khan | Updated : January 5, 2017 8:38 AM IST
आपने अक्सर देखा होगा कि कई बच्चे हकलाकर या तुतलाकर बोलते हैं। ये समस्या नाड़ियों में किसी प्रकार से दोष, मोटी जीभ होना या किसी हकलाने वाले की नकल करने आदि के कारण हो सकती है। दिल्ली स्थित आस्था चेरीटेबल क्लिनिक में पीडीऐट्रिक्स डॉक्टर मुकेश कुमार के अनुसार, बोलते समय ठीक तरह से अक्षरों को न बोल पाना और रुक-रुककर बोलना, तुतलाने या हकलाने का रोग कहलाता है। कुछ रोगियों में तो हकलाहट जरा सी होती है, जो धीरे-धीरे अपने आप ठीक हो जाती है। लेकिन कुछ मामलों में जब यह रोग पुराना हो जाता है, तो रोगी को बोलने में बहुत परेशानी होती है। हकलाने वाले को हर शब्द में तो नहीं पर कुछ-कुछ शब्दों को बोलने में परेशानी होती है। पढ़ें- खानपान में आंवला शामिल करने के मज़ेदार तरीके
हकलाने के कुछ कारण ये भी हैं-
आंवला हो सकता है फायदेमंद
डॉक्टर के अनुसार, अगर कोई बच्चा बोलते समय हकलाता है, तो उसके लिए आंवला बहुत ही उपयोगी फल साबित हो सकता है। ऐसे बच्चों को कुछ दिनों तक आंवला चबाने के लिए देना चाहिए। दरअसल आंवला चबाने से जीभ पतली होने में मदद मिलती है और आवाज साफ निकलने लगती है।
इसके अलावा ये काम करें
चित्र स्रोत - Shutterstock