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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:13 AM IST
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कलौंजी का इस्तेमाल भारतीय किचन में काफी किया जाता है। काले रंग के इन छोटे-छोटे बीजों में काफी खुशबू होती है जो आपके खाने को एक अलग ही ज़ायका देते हैं। लेकिन इसका इस्तेमाल सिर्फ खाने में ही नहीं, बल्कि बहुत सी सेहत से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए भी किया जाता है। ऐसी ही एक समस्या है अस्थमा, जिसको कंट्रोल करने में कलौंजी के बीच काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालांकि अस्थमा को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता लेकिन इसे कंट्रोल करने की कई दवाएं बाज़ार में उपलब्ध है। पर इन दवाओं के कई साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। इसलिए अगर आपको ये समस्या है को आप कलौंजी का इस्तेमाल करके लाभ प्राप्त कर सकते हैं। (इसे भी पढ़ें, ठंड में अस्थमा अटैक से बचने के 4 तरीके)
हाल में हुई रिसर्च कहती है कि कलौंजी में थाइमोकुआइनोन (thymoquinone) नाम का एक ऐसा तत्व होता है जो आपको अस्थमा के लक्षणों से उबारने की क्षमता रखता है। रिसर्च शुरू में जानवरों पर की गई तो आशाजनक परिणाम निकले। फिर आगे इंसान पर की गई रिसर्च में भी ये बात साबित हो गई।अस्थमा के मरीज़ों के फेफड़ों की इन्फ्लेमेशन से लड़ने में ये कारगर है।
कलौंजी इस्तेमाल करने का तरीका
कलौंजी के बीज को पीस लें। इस पाउडर को पानी या दूध में मिलाकर पिया जा सकता है। आप कलौंजी के बीज का तेल (बाज़ार में उपलब्ध है) के साथ शहद मिलाकर भी इसका सेवन कर सकते हैं। आप कलौंजी को दाल, सब्ज़ियों यहां तक कि चपाती में भी डाल सकते हैं। तरीका कोई भी हो, अगर आप अस्थमा के मरीज़ हैं तो कलौंजी का नियमित सेवन करें।
मूल स्रोत – Onion seeds: a natural remedy for asthma
अनुवादक – Shabnam Khan
चित्र स्रोत – Shutterstock
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