ठंड के मौसम में आंखों से जुड़ी कई समस्याएं जैसे धुंधलापन, खिंचाव, जलन और दर्द होने लगता है। हालांकि कुछ लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते हैं। लेकिन ध्यान रहे कि ये लक्षण ड्राई- आई सिंड्रोम यानि आंखों का सूखापन के हो सकते हैं। डॉक्टरों के अनुसार कड़ाके की ठंड में लोग अपने पूरे शरीर को तो ढक लेते हैं लेकिन आंखों को सर्द हवाओं से नहीं बचा पाते हैं। ठंडी हवाओं की वजह से आंखे सूख जाती हैं, जिससे दृष्टि प्रभावित होने लगती है और आंखों में दर्द होने लगता है। पढ़ें- इस एक घरेलु उपाय से पाएं कंजक्टिवाइटिस से छुटकारा
फोर्टिस अस्पताल में नेत्र विज्ञान के निदेशक संजय धवन के अनुसार ठंड में चलने वाली सूखी और ठंडी हवाओं के चलते ड्राई- आई सिंड्रोम हो जाना आम बात है।
आंखों में ल्यूब्रिकेशन के अपर्याप्त प्रवाह के कारण आंखों का सफेद हिस्सा कंजक्टिवा सामान्य से भी बहुत कम नम हो जाता है।
इससे आंखों में आंसू, दर्द, बेचैनी और कॉर्निया सूज जाता है। ये पचास साल से अधिक आयु वाले लोगों में होने वाली आम समस्या है।
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कभी-कभी ये समस्या इतनी गंभीर हो जाती है कि आंखों की दृष्टि में कठिनाई हो सकती है।
एक अन्य समस्या ये भी है कि आंखों में लगातार पानी आने लगता है और कॉन्टेक्ट लेंस का इस्तेमाल करने वाले लोगों को जलन होने लगती है।
कुछ अन्य कारण
डॉक्टरों के अनुसार अगर कम उम्र में मेनोपॉज होता है तो ठंड के दौरान ड्राई- आई सिंड्रोम के चांस ज्यादा बढ़ जाते हैं।
हालांकि कुछ डॉक्टर मानते हैं कि इसका एक कारण निरंतर कंप्यूटर का प्रयोग करना भी है।
अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ ऑप्थैमोलॉजी के अनुसार 50 साल की उम्र के करीब 3.2 मिलियन महिलाएं और 1.7 मिलियन पुरुष ड्राई- आई सिंड्रोम से ग्रस्त हैं।
ड्राई- आई सिंड्रोम से बचने के उपाय
रोकथाम इलाज से हमेशा बेहतर होता है। हम यहां कुछ टिप्स दे रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप ठंड के मौसम में अपनी आंखों को सुरक्षित रख सकते हैं। पढ़ें- आंखों की रौशनी बढ़ाने के लिए खाएं ये 7 चीज़ें
ठंड में आंखों को सर्द हवाओं से बचाने के लिए तरल पदार्थ की एक पतली परत टियर फिल्म से कवर किया जा सकता है।
ठंडी हवा और अतिरिक्त रोशनी से आंखों की रक्षा करने के लिए धूप का चश्मा पहनें।
आर्टिफिशियल टियर और टियर सब्सीट्यूट का दिन में कम से कम चार बार इस्तेमाल करें। अगर आप इससे ज्यादा इस्तेमाल करना चाहें तो कर सकते हैं।
अगर स्थिति ज्यादा बिगड़ जाती है तो डॉक्टर के पास जाएं और उनकी सलाह से सोते समय ल्यूब्रिकेटिंग ऑइंटमेंट ले, जिसे आप सोने से पहले आंखों में लगा सकते हैं।
घर के अंदर अपने हीटर के साथ हमडीफायर का इस्तेमाल करें, जिससे हवा में नमी रहेगी। अपनी आंखों को अतिरिक्त नमी प्रदान करने के लिए आप आंख के चारों ओर एक मॉश्च्यर चैम्बर से बना विशेष चश्मा पहनते हैं।
लंबे समय तक काम करने पर अगर आपकी आँखों में तनाव लग रहा है, तो तनाव दूर करने के लिए, एक कपड़े को गर्म पानी में भिगोकर एक से दो मिनट तक उसे अपनी पलकों पर रखें।
अपनी डाइट में अधिक ओमेगा -3 फैटी एसिड या मछली की खुराक जोड़ें।
अपने घर का तापमान 30 से 50 डिग्री सेल्सियस के बी रखें।
हाइड्रेटेड रहने के लिए तरल पदार्थों का खूब सेवन करें।
आप रोजाना की चाय को छोड़कर उसकी जगह ग्रीन टी और क्रिसैन्थमम टी का सेवन करें। ये आंखों के लिए फायदेमंद होती हैं।
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