... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Read this in English.
अनुवादक – Usman Khan
उच्च रक्तचाप जिसे हाइपरटेंशन (Hypertension) या सामान्य भाषा में High BP कहते है, एक जानलेवा बीमारी है। हाई बीपी के कारण हार्ट अटैक जैसे गंभीर परिणाम हो सकते हैं। हाई ब्लड प्रेशर हाल के दिनों दुनियाभर में चिंता का विषय बना हुआ है। भारत में हर तीन में एक व्यक्ति हाइपरटेंशन का शिकार है। आगे भी ये स्थिति सही होती नजर नहीं आ रही है। अध्ययनों के अनुसार, नमक की ज्यादा मात्रा से ना केवल ब्लड प्रेशर प्रभावित होता है, बल्कि प्रोटीनयूरिया (proteinuria), स्ट्रोक (stroke) और दिल की बीमारियों का भी खतरा बढ़ता है। पढ़ें- हाइपरटेंशन से बचना है तो आंवले का जूस पियें
नमक से कैसे बढ़ता है ब्लड प्रेशर
नमक में सोडियम पाया जाता है। यानि ज्यादातर खाद्य पदार्थों में सोडियम क्लोराइड के रूप में मौजूद है। सोडियम शरीर के सामान्य कामकाज के लिए आवश्यक है। लेकिन जब इसकी मात्रा अधिक हो जाती है, तो ये शरीर में पानी की मात्रा बढ़ा देता है जिस कारण ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। इतना ही नहीं सोडियम हार्ट सेल्स और रक्त वाहिकाओं को भी प्रभावित करता है। ज्यादा मात्रा में नमक खाने से ब्लड प्रेशर में एक बदलाव के साथ उतार-चढ़ाव होता रहता है, जिसे सॉल्ट सेंस्टिविटी (salt sensitivity) कहा जाता है। ये सेंस्टिविटी बुजुर्ग, मोटापे से ग्रस्त व्यक्तियों और क्रोनिक किडनी के रोगियों में ज्यादा देखने को मिलती है।
सोडियम कितनी मात्रा में खाएं
कई अध्ययनों में इस बात का जिक्र है कि सोडियम की कम मात्रा से ब्लड प्रेशर नहीं बढ़ता है। इसलिए कम से कम मात्रा में सोडियम का सेवन करना चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, नमक की दैनिक खपत 5 ग्राम या एक चम्मच से अधिक नहीं होनी चाहिए। भारत में लोग प्रतिदिन 9 से 10 ग्राम नमक खाते हैं। भारत में 24 फीसदी मौत हार्ट अटैक और 57 फीसदी मौत स्ट्रोक के कारण होती है।
खाने में नमक की मात्रा ऐसे करें कम
चित्र स्रोत - Shutterstock