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गुलाबी और लाल रंग का गुढ़ल या जपाकुसुम (hibiscus) फूल मधुमेह या यूरिन से जुड़ी कई बीमारियों और समय से पहले बालों का झड़ना जैसी समस्याओं को कम करता है। इतना ही नहीं ये फूल बुखार के लक्षणों से भी राहत दिलाने में मदद करता है। इस फूल को पानी या चाय के साथ मिलाकर पीने से बुखार में रोगी को राहत मिलती है और उसका दर्द भी दूर होता है। पढ़ें-वायरल फीवर से राहत पाने के छह घरेलु उपचार
गुढ़ल फूल में है बुखार विरोधी गुण
आयुर्वेद के अनुसार गुढ़ल फूल में बुखार विरोधी गुण होते हैं जो बुखार के दौरान तपन से होने वाले दर्द को कम करते हैं। इसके अलावा इस फूल में एंटीवायरल और एनाल्जेसिक विरोधी गुण भी होते हैं।
ऐसे करें गुढ़ल का इस्तेमाल
इंटरनेशनल जर्नल ऑफ रिसर्च इन फार्मास्युटिकल एण्ड बायोमेडिकल साइंस में छपी एक रिसर्च के अनुसार गुढ़ल फूल को बुखार में शीतल पेय की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। पढ़े-डेंगू: कारण, लक्षण और बचने के उपाय
-गुढ़ल फूल को कुछ समय के लिए पीने के पानी में रख दें। बुखार के दौरान इस पानी को थोड़े-थोड़े अंतराल के दौरान पीते रहने से आराम मिलेगा।
-बुखार में भूख ना लगना आम बात है। इस फूल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे चाय में मिलाकर पीने से भूख बढ़ती है। चाय बनाते समय फूल को चाय के पानी में डाल दें। इसके बाद उस चाय को दिन में कई बार पिएं। इससे रोगी की भूख बढ़ेगी और दवाईयां जल्द असर करेंगी।
मूल स्रोत -Sip some hibiscus tea the next time you suffer from fever
अनुवादक – Usman Khan
चित्र स्रोत - Shutterstock
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