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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:42 AM IST
सहजन (Drumstick) का पेड़ जड़ से लेकर फूल-पत्तियों तक सेहत का खजाना है। क्या आप सहजन के पत्तों के फायदे जानते हैं? भारत में खासकर दक्षिण भारत में इसका उपयोग विभिन्न व्यंजनो में खूब किया जाता है। सहजन के पत्तों में भारी मात्रा में विटामिन और मिनरल्स होते हैं। इसका तेल भी निकाला जाता है और इसकी छाल,पत्ती, गोंद, जड़ आदि से आयुर्वेदिक दवाएं बनाई जाती हैं। आपको जानकार हैरानी होगी कि इन हरी पत्तियों का मांसपेशियों में ऐंठन यानि मसल क्रैम्प और सूजन के उपचार के के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। खेलते समय लगने वाली चोट से राहत पाने के लिए आप सहजन की पत्तियों का पेस्ट बनाकर प्रभावित हिस्से पर लगा सकते हैं। सबसे बड़ी बात इसका कोई साइड इफ्फेक्ट नहीं है।
सहजन के पत्ते ही क्यों - सहजन के पत्ते प्राकृतिक दर्दनिवारक हैं जो आपको दर्द से राहत दिलाने में मददगार हैं। इसके पत्तों में एंटी इंफ्लेमेटरी यौगिक पाए जाते हैं जो ना केवल दर्द और सूजन से राहत दिलाने में मददगार हैं बल्कि इम्यून सिस्टम को भी व्यस्थित करते हैं जिससे आगे हालत को खराब होने से रोकने में मादा मिलती है। इसके अलावा इसमें एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं जिससे इन्फेक्शन के खतरे को कम किया जा सकता है। यही कारण है कि सहजन के पत्तों का आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओं में इस्तेमाल किया जाता है।
ऐसे करें इसका इस्तेमाल- मसल क्रैप्म और चोट के कारण होने वाले दर्द और सूजन से राहत पाने के लिए आप सहजन की हरी पत्तियों का रस प्रभावित हिस्से पर लगा सकते हैं। इसके रस से ग्रंथियों की सूजन और दर्द कम करने के लिए जाना जाता है। इसके अलावा इससे सूजन के कारण होने वाली खुजली से भी राहत मिलती है।आप इसके पत्तों का पेस्ट बनाकर प्रभावित हिस्से पर लगाएं और ऊपर से रस डालकर मालिश करें।
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अनुवादक – Usman Khan
चित्र स्रोत - Shutterstock
सन्दर्भ- Ramalingum N, Mahomoodally MF. The Therapeutic Potential of Medicinal Foods. Advances in Pharmacological Sciences. 2014;2014:354264. doi:10.1155/2014/354264.