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Written By: Mousumi Dutta | Updated : January 5, 2017 8:32 AM IST
सदियों के अजवाइन का इस्तेमाल कई तरह के घरेलू नुस्ख़ों के लिए किया जाता रहा है। उदाहरण के लिए एसिडिटी के लिए एन्टासिड खाने के जगह पर अजवाइन खाना तो लोग सामान्यतः सेफ मानते हैं। यहाँ तक कि अर्थराइटिस होने पर भी अजवाइन का पेस्ट जोड़ों पर लगाने जैसा घरेलू इलाज दर्द को कम करने में असरदार रूप से काम करता है। जिन लोगों को बदहजमी का प्रॉबल्म होता है वह तो अजवाइन बिना सोचे समझे दिन में कितनी बार खाते हैं उसके बारे में कहना मुश्किल है। अजवाइन में थाइमोल नाम का तत्व होता है जो पीएच लेवल को नॉर्मल रखने के साथ-साथ गैस्ट्रिक जूस के निष्कासन से खाना को जल्दी हजम करवाने में मदद करता है। ये तो अजवाइन का एक पहलू है उसके दूसरे पहलू के बारे में जानकर आप आश्चर्य में पड़ जायेंगे। पढ़े-
अजवाइन के साइड-इफेक्ट्स
लेकिन डायटीशियन और न्यूट्रीशनिस्ट नेहा चांदना का कहना है कि अजवाइन को खाना तब तक स्वास्थ्य या सेहत के दृष्टि से सेफ है जब तक आप इसको सीमित मात्रा में ले रहे हैं। यानि अजवाइन का सेवन आप दिन में कम से कम 10 ग्राम तक ही ले सकते हैं। इससे ज्यादा मात्रा में अजवाइन खाने से आपके सेहत को फायदा पहुँचने से जगह पर नुकसान ही पहुँचेगा। क्यों आश्चर्य में पड़ गए न! अतिरिक्त मात्रा में अजवाइन लेने से एसिडिटी कम होने के जगह पर बढ़ सकती है, सिर दर्द, उल्टी, पेट में जलन जैसा अनुभव और अल्सर जैसे प्रॉबल्म्स का सामना करना पड़ सकता है। यहाँ तक कि प्रेगनेंट महिलायें भी अजवाइन का सेवन कब्ज़ और एसिडिटी की समस्या के लिए कर तो सकती है लेकिन दिन में 10 ग्राम से ज्यादा नहीं।
ध्यान देने की बात ये है कि छह महीने से बड़े शिशु या बच्चों के हजम शक्ति को बढ़ाने के लिए आप उनको एक छोटा चम्मच गुड़ और अजवाइन का पाउडर दे सकते है। इससे उनका डाइजेस्टिव सिस्टेम बेहतर हो जाता है, लेकिन सीमित मात्रा में।
कैसे करें इसका सेवन-
अजवाइन को पानी में डालकर उबाल लें। फिर उस पानी को छानकर पियें या गुड़ के साथ भी इसको ले सकते हैं।
चित्र स्रोत: Shutterstock