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डायटरी फैट विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों में पाए जाने वाले फैट का एक प्रकार है। इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है और शरीर के सामान्य कामकाज में मदद मिलती है। इसके अलावा इससे विटामिन्स के अवशोषण होता है और चयापचय के कामकाज को आसान बनता है। डायटरी फैट में सैचुरेटेड, मोनोअनसैचुरेटेड, और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट शामिल हैं।
सैचुरेटेड, मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट क्या है?
फैट फैटी एसिड और मोनोग्लेसीराइड्स से बनता है, जो कार्बन एटम्स से बना होता है। इन कार्बन एटम को सिंगल या डबल बांड से जोड़ा जाता है। यदि एक या दो से अधिक डबल बांड हैं, तो फैट को अनसैचुरेटेड कहा जाता है। सिंगल डबल बांड वाले फैट को मोनोअनसैचुरेटेड कहा जाता है, जबकि कई डबल बॉन्ड वाले को पॉलीअनसेचुरेटेड फैट कहा जाता है।
सैचुरेटेड इन चीजों में पाया जाता है?
मोनोअनसैचुरेटेड इन चीजों में पाया जाता है?
पॉलीअनसेचुरेटेड न चीजों में पाया जाता है?
फैट्स की डाइटरी जरूरत क्या है?
बॉडी को ऊर्जा और मेटाबोलिक फंक्शन के लिए फैट की जरूरत होती है। सभी फैट्स में 9 कैलोरी/ग्राम होती है जोकि दो बार प्रोटीन या कार्बोहाइड्रेट से प्राप्त होती है। आपकी दैनिक ऊर्जा की जरूरत का 20-30 फीसदी हिस्सा फैट से पूरा होना चाहिए। आमतौर पर सैचुरेटेड फैट से बचना चाहिए।इसका सेवन 5 से 6 फीसदी से अधिक नहीं करना चाहिए। यानि अगर आप रोजाना 2000 कैलोरी ले रहे हैं, तो सैचुरेटेड फैट से केवल 120 कैलोरी ही लेनी चाहिए।
कौन सा फैट हेल्थ के लिए सही है?
वैसे पॉलीअनसेचुरेटेड फैट को सही माना जाता है लेकिन आपको सैचुरेटेड से बचना चाहिए। पॉलीअनसेचुरेटेड फैट बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक है। जबकि सैचुरेटेड फैट से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। इससे कोरोनरी आर्टरी डिजीज और स्ट्रोक का खतरा होता है। पॉलीअनसेचुरेटेड फैट हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन का यानि गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है और आपके दिल को सीएडी और स्ट्रोक से बचाता है। पॉलीअनसेचुरेटेड फैट में ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड होता है। यह दिमाग के सामान्य कामकाज और सेल की वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण हैं।
ओमेगा-3 फैटी एसिड्स के फायदे
ओमेगा -6 फैटी एसिड के फायदे
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अनुवादक – Usman Khan
चित्र स्रोत - Shutterstock
सन्दर्भ- FSSAI:Safe and Nutritious Food @ Home – Cardiovascular Diseases. This article is written by Dr Saurabh Arora, who has a doctorate in pharmaceutics from Jamia Hamdard University and post graduate in the same field from NIPER. He has also established Food Safety Helpline (www.foodsafetyhelpline.com), a one-stop solution for the people in the food industry to stay up-to-date, understand and implement the requirements of the Food Safety and Standards Act and the Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI).