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कई लोग ऐसा मानते हैं कि कोरोनरी हार्ट डिजीज़ (coronary heart disease) से पीड़ित लोगों को एंजियोप्लास्ट या बाईपास सर्जरी करानी जरूरी होती है। लेकिन आपको जानकार हैरानी होगी कि इस समस्या से पीड़ित हर रोगी को सर्जरी की जरूरत नहीं होती है। मुंबई स्थित एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट में प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी एंड रिहैबिलीटैशन विभाग के प्रमुख डॉक्टर निलेश गौतम के अनुसार, सीने में दर्द या एबनॉर्मल ईसीजी/ स्ट्रेस टेस्ट वाले सभी व्यक्तियों को एंजियोग्राफी की जरूरत नहीं होती है। हम आपको बता रहे हैं कि कोई कार्डियोलॉजिस्ट किस स्थिति में एंजियोग्राफी की सलाह दे सकता है।
एंजियोप्लास्टी या बाईपास सर्जरी की जरूरत कब होती है
अगर आप ऊपर बताई गई किसी समस्या से पीड़ित हैं, तो आपको एंजियोग्राफी करानी चाहिए। ये ब्लॉक की संख्या और ब्लॉक के प्रतिशत पर निर्भर करता है। इसके आधार पर ही आपका डॉक्टर आपको एंजियोप्लास्टी या बाईपास सर्जरी की सलाह दे सकता है। अगर धमनी में एक या दो जगहों पर ब्लॉकेज 70 फीसदी से अधिक है, तो आपका डॉक्टर आपको दवाएं जारी रखने और सही डायट व एक्सरसाइज की सलाह दे सकता है। इसके अलावा आपको स्मोकिंग, तंबाकू, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसे जोखिम वाले कारकों को नियंत्रित करने को कहा जा सकता है। अगर हार्ट को ब्लड सप्लाई करने वाली तीन प्रमुख धमनियों में कई ब्लॉकेज पाए जाते हैं और तीनों में ब्लॉकेज की संख्या 70 फीसदी से अधिक है, तो आपको बाईपास सर्जरी की जरूरत होती है।
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अनुवादक – Usman Khan
चित्र स्रोत - Shutterstock