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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:41 AM IST
अधिकतर लोग कब्ज़ की समस्या को मामूली समस्या मानकर अनदेखा कर देते हैं और सालों तक इससे पीड़ित रहते हुए भी इसका इलाज नहीं करवाते हैं। इसे एक सामान्य समस्या समझना आपकी बहुत बड़ी भूल हो सकती है। कब्ज़ से पीड़ित लोगों को हफ्ते में कम से कम तीन से चार बार मल त्याग करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। आंकड़ों के अनुसार भारत में लगभग 14%लोग तो क्रोनिक कान्स्टिपेशन के शिकार होते हैं जिन्हें हफ्ते में कई बार शौच के समय इस समस्या का सामना करना पड़ता है। मुंबई स्थित कंसलटेंट गैस्ट्रोएंट्रोलाजिस्ट डॉ वेदांत करवीर यहाँ कब्ज़ से जुड़े कुछ प्रमुख लक्षणों के बारे में बता रहे हैं। कब्ज़ के लिए नीचे बताये चार लक्षणों में से कम से कम दो लक्षणों का होना बहुत ज़रूरी है।
इन सबके अलावा भी कब्ज़ होने के कई और वजहें भी हैं जैसे कि कुछ ख़ास तरह की दवाइयों के इस्तेमाल के कारण, कोलोन कैंसर और प्रेगनेंसी की वजह से भी कई बार कब्ज़ की समस्या होने लगती है।
कब्ज़ कब खतरनाक हो जाता है?
आप जिसे एक सामान्य समस्या समझ रहे हैं वह ज्यादा बढ़ जाने पर बैक्टीरियल इन्फेक्शन या कोलन कैंसर का रूप भी धारण कर सकता है। इसलिए यहाँ नीचे बताये गये किसी भी लक्षण के आप शिकार हैं तो तुरंत डॉक्टर के पास जाकर अपना इलाज करवाएं।
इन लक्षणों के होने पर डॉक्टर के पास जायें और उन्हें ये भी बताये कि आपको ये समस्या पिछले कितने दिन से है। अगर आप कब्ज़ को ऐसे ही अनदेखा करते रहेंगे तो आगे चलकर इससे पाइल्स, अल्सर या फिस्टुला जैसी गंभीर समस्या भी हो सकती है। इसके अलावा आप कब्ज़ से निपटने के लिए घरेलू उपाय भी अपना सकते हैं।
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अनुवादक: Anoop singh
चित्र स्रोत: Shutterstock