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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:39 AM IST
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अनुवादक – Usman Khan
जब कोई ज्यादा दुखी होता है, तो उसे रोना आता है। अब सवाल ये है कि व्यक्ति रोता क्यों है? दरअसल जब व्यक्ति भावुक होता है, तो एन्डोक्राइन सिस्टम आंख के क्षेत्र को हार्मोन जारी करता है, जो आपकी आंखों में आंसू के रूप से उभरते हैं। वास्तव में रोना सिर्फ एक दुखद एहसास मात्र नहीं है बल्कि रोते समय आपके शरीर के साथ ऐसी बहुत सी क्रियाएं होती हैं, जिनसे आप अंजान होते हैं। दिल्ली के साइकोलोजिस्ट डॉक्टर सिया नागिया आपको रोने से जुड़े कुछ ऐसे ही दिलचस्प तथ्य बता रहे हैं। पढ़ें- शिशु का रोना नहीं है बुरा! जानिये इसके 5 फायदे
1) रोने के बाद लड़ाई-झगड़ा कर सकते हैं- भावुक होने पर दिमाग स्ट्रेस हार्मोन जारी करता है, जिससे आपको गुस्सा आता है। इससे आप झगड़े की स्थिति में आ जाते हैं।
2) आपकी आवाज भारी हो जाती है- आपने अक्सर देखा होगा कि रोने वाले व्यक्ति की आवाज भारी हो जाती है। स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल आपके गले में बचैनी पैदा कर देता है और सांसों को धीमा कर देता है। गले में बेचैनी होने को ग्लोबस सेंसेशन कहा जाता है और आपको ऐसा महसूस होता है जैसे गला भारी हो गया है।
3) रोने से आपका मन हल्का होता है- रोने से आपको ज्यादा भावुकता से छुटकारा मिलता है। वास्तव में इमोशनल टीयर्स एक ल्यूसीन-एन्केफलिन जारी करता है, ये एक एंडोर्फिन होता है जो आपके मूड को सही करता है और दर्द कम करता है। इससे आपको आराम मिलता है और आप अच्छा महसूस करते हैं।
4) रोने से बैक्टीरिया खत्म होते हैं- आंसुओं में फ्लूइड लाइसोजाइम तत्व होता है जो सीमेन, म्यूकस, सलाइवा में पाया जाता है, जो दस मिनट में 90 फ़ीसदी बैक्टीरिया खत्म कर सकता है।
5) दूसरों को संकेत भेजता है- वास्तव में जब आप रोते हैं, तो आपके भाव बदल जाते हैं, जिससे दूसरे लोग समझ जाते हैं कि आप दुख-तकलीफ में हैं।
चित्र स्रोत - Shutterstock