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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:36 AM IST
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अनुवादक – Shabnam Khan
बच्चों को पेट के कीड़े, बड़ों की तुलना में ज्यादा होते हैं। पेट के कीड़ों को इलाज न किया जाए, और ये ज्यादा दिनों तक शरीर में बने रहें तो ये बच्चे की सेहत पर बुरा असर डालते हैं। पेट में कीड़े होने के लक्षण कुछ इस प्रकार हैं – पेट व गुदा में खुजली, ठीक से नींद न आना, लार अधिक गिरना, और स्टूल या मल से अधिक बदबू आना। अगर आपके बच्चे में ये लक्षण दिखाई दे तो मुमकिन है कि उसकी आंतों में कीड़े हैं। अगर आप इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए ऐसा असरदार उपाय ढूंढ रहे हैं, जिसके साइड इफेक्ट्स न हों तो आप पपीते के बीज और शहद का इस्तेमाल कर सकते हैं।
ओबेफेमी आवोलोवो यूनिवर्सिटी केनाइजीरियन बाल विशेषज्ञ ने साल 2007 में एक अध्ययन किया जिसमें 60 बच्चों को शामिल किया। इन बच्चों का स्टूल टेस्ट करने के बाद पाया गया था कि इनके पेट में कीड़े हैं, लेकिन तब कर लक्षण सामने आना शुरू नहीं हुए थे। इस अध्ययन में डॉक्टर ये आंतों के इन कीड़ों पर पपीते के बीज और शहद का प्रभाव देखना चाहते थे। इन बच्चों को पिसे हुए पपीते के बीज और शहद (20 एमएल) का घोल बनाकर पिलाया गया। बच्चों को दो ग्रुप में बांटा गया था जिसमें एक ग्रुप को ये घोल दिया गया, दूसरे ग्रुप को नहीं दिया गया। एक हफ्ते बाद ये पाया गया कि 30 बच्चों में से 23 के स्टूल सैंपल में कीड़े नहीं पाए गए। इसका मतलब ये है कि इस ट्रीटमेंट का असर 77% बच्चों पर दिखाई दिया और उसके कोई साइड इफेक्ट नहीं थे। (इसे भी पढ़ें - वज़न घटाने के लिए कच्चा पपीता)
डॉक्टरों ने ये निष्कर्ष निकाला कि पेट के कीड़ों से लड़ने के लिए सूखे हुए पपीते के बीज और शहद का इस्तेमाल सस्ता, नैचुरल और असरदार है।
पपीते का इस्तेमाल भारत में काफी होता है। अबकी बार इसके बीज को फेंकने की बजाय उन्हें सुखाकर पीस के रख लें। बच्चे के पेट में कीड़े होने पर ये उपाय अपनाएं।
चित्र स्रोत - Shutterstock
संदर्भ - [1] J Med Food. 2007 Mar;10(1):194-6. Effectiveness of dried Carica papaya seeds against human intestinal parasitosis: a pilot study. Okeniyi JA(1), Ogunlesi TA, Oyelami OA, Adeyemi LA.