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अनुवादक – Usman Khan
क्या आप बंद नाक, गले की खराश और बुखार से पीड़ित हैं? इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए अब आपको हेवी मेडिसिन लेने की ज़रुरत नहीं है। अब आप एक प्राकृतिक उपचार के द्वारा इनसे राहत पा सकते हैं। ये प्राकृतिक उपाय है, नीलगिरी यानि यूकेलिप्टस (eucalyptus) का तेल। इस तेल के कई स्वास्थ्य लाभ हैं। ये एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल, एंटी सेप्टिक, अस्ट्रिन्जन्ट, एंटीस्पेसमोडिक, एनाल्जेसिक और एक्सपेक्ट्रोरेंट के रूप में काम करता है। पढ़ें: सर्दी-जुकाम में बच्चे की मालिश सरसों तेल-लहसुन से करने पर मिलता है आराम!
अध्ययनों के अनुसार, नीलगिरी का तेल शरीर में सर्कुलेशन बढ़ाने, फेगोसायटिक (phagocytic) की संख्या बढ़ाने और वायुमार्ग से कफ बाहर निकालने में सहायक है। अगर आप कॉमन इन्फेक्शन से दूर रहना चाहते हैं, तो ये तेल आपके लिए बेहतर साबित हो सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ़ रोम में किये गए एक अध्ययन के अनुसार, इस तेल में इम्युनिटी सिस्टम को मज़बूत करने के गुण होते हैं, जिससे आपके शरीर का रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।
बंद नाक के लिए ऐसे करें इस्तेमाल
तेल की कुछ बूंदें उबले पानी में मिला लें। इसके बाद पानी की भाप लें। आपके नाक और मुँह के ज़रिये भाप को अंदर जाने दें। इससे आपको श्लैष्मिक अस्तर (mucosal linings) की सूजन कम करने, वायुमार्ग में जमा कफ को हटाने और आसानी से सांस लेने में मदद मिलेगी। अगर ज्यादा ठंड है, तो इस क्रिया को दिन में कम से कम तीन बार, अगर माध्यम ठंड है, तो दो बार वर्ना दिन में एक बार ही करें।
टिप्स- इस क्रिया के बाद अपने सिर और माथे को अच्छी तरह ढकें। अचानक तापमान में परिवर्तन होने के कारण इस क्रिया को आगे न करें।
सोते समय आसानी से सांस लेने के लिए
जब आप सोते हैं या नीचे झुकते हैं, तो आपने नोटिस किया होगा कि आपको सांस लेने में परेशानी होती है। वास्तव में ऐसी स्थिति में सारा कफ नाक में जमा हो जाता है और गले से सांस लेने में तकलीफ होती है। ऐसी समस्या से निपटने के लिए एक सॉफ्ट कपड़े में तेल की कुछ बूंदें लगायें और उसे तकिये के पास रख लें। इस तेल की सुगंध से नाक खोलने और अच्छी नींद आने में मदद मिलेगी। ऐसा कम से कम तीन रात तक करें।
दिन में बंद नाक को राहत देने के लिए
कई लोगों के पास इन क्रियाओं को तीन बार करने का समय नहीं होगा। ऐसे लोग तेल की कुछ बूंदें अपने रुमाल पर डालें और दिनभर इसे सूंघते रहें। ध्यान रहे कि इस तेल को टिशू पर डालकर इस्तेमाल ना करें। ऐसा करने पर सारा तेल सूख जायेगा और आपको कोई फायदा नहीं होगा। इस्तेमाल के बाद अपने रुमाल को किसी छोटे ज़िप वाले बैग में रख सकते हैं। आप अपने पास इस तेल की छोटी बोटल भी रख सकते हैं, ताकि ज़रुरत पड़ने पर इसका उपयोग कर सकें।
टिप्स- एक बार रुमाल में तेल मिलाने का बाद इसका इस्तेमाल मूंह और नाक पोंछने के लिए ना करें।
चित्र स्रोत - Shutterstock