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Written By: Editorial Team | Updated : January 3, 2017 4:38 PM IST
पीरियड्स के दौरान पेटदर्द होना आम समस्या है। लेकिन आपको यह जानना जरूरी है कि क्या इस दौरान दर्द होना सामान्य है? वैसे पीरियड्स के दर्द से बचने के कुछ घरेलू उपाय भी हैं। लेकिन आपको पहले यह समझना जरूरी है कि इस दौरान होने वाले किस तरह के दर्द में आपको डॉक्टर के पास जाने की जरूरत पड़ सकती है। गाइनोकोलोजिस्ट डॉक्टर अरुंधति धार आपको बता रही हैं कि क्या पीरियड्स में होने वाला दर्द सामान्य होता है या नहीं।
हल्का दर्द होना- पीरियड्स के दौरान अगर आपको हल्का दर्द हो रहा है, तो आप पेनकिलर ले सकती हैं। इसमें चिंता करने की कोई बात नहीं है। दरअसल बॉडी केमिकल प्रोस्टेग्लैंडिन्स (prostaglandins) गर्भाशय को संकुचित कर देता हैं जिससे दर्द और बेचैनी होती है। एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाओं से प्रोस्टेग्लैंडिन्स पर काबू पाया जा सकता है।
दर्द और कमर में दबाव - अगर आपको हर समय दर्द के साथ कमर में दबाव महसूस हो रहा है, तो इसका कारण फाइब्रॉइड (fibroids) हो सकता है। अगर आपको फाइब्रॉइड है, तो आपके पीरियड्स की अवधि सात दिन से अधिक तक हो सकती है। इस दौरान हैवी फ्लो रह सकता है जिस वजह से आपको हर एक से दो घंटे में पैड बदलना पड़ सकता है।
पेट के निचले हिस्से और पीठ व जांघों में दर्द- एंडोमेटरियोसिस (Endometriosis) की वजह से पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द होता है और कई बार पीठ व जांघों में भी दर्द होता है। इससे राहत पाने के लिए आप पेनकिलर ले सकती हैं। इस दौरान फ्लो हैवी होता है। ऐसा होने पर आपको तुरंत गाइनोकोलोजिस्ट से मिलना चाहिए।
बुखार और पेशाब के समय दर्द होने के साथ पेल्विक पैन- अगर आपको कई दिनों से बुखार और पेशाब के समय दर्द के साथ पेल्विक हिस्से में दर्द हो रहा है, तो यह पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (PID) का संकेत हो सकता है। पीआईडी आमतौर पर गोनोरिया (gonorrhoea) और क्लैमाइडिया (chlamydia) का परिणाम है। इसलिए अगर आपको इस तरह के कोई भी लक्षण दिखते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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अनुवादक – Usman Khan
चित्र स्रोत - Shutterstock