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सिगरेट की बुरी लत छोड़ने के लिए अपनाएं ये 3 तरीके

अगर आप भी smoking की आदत छोड़ना चाहते हैं तो इन तरीकों को अपनाएं!

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अनुवादक: Anoop Singh

स्मोकिंग करना हमारे स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक है इससे हम सभी भली भांति परिचित हैं। एक बार जब  निकोटिन की बुरी लत लग जाती है तो इससे छुटकारा पाना मुश्किल हो जाता है। अगर आप सिगरेट पीने की आदत छोड़ना चाहते हैं तो यह एक अच्छी बात है लेकिन सबसे ज़रूरी बात यह है कि आप इसे छोड़ने के लिए कौन सा तरीका अपनाते हैं। क्योंकि ऐसा देखा गया है कि अधिकतर लोग अचानक से सिगरेट छोड़ने के कुछ ही दिनों बाद फिर से स्मोकिंग करना चालू कर देते हैं। कई लोगों के सिगरेट छोड़ने की वजह यह भी होती है कि वे अपने परिवार के सदस्यों को पैसिव स्मोकिंग के खतरे से बचाना चाहते हैं। शायद आपको यह जानकार आश्चर्य होगा कि तम्बाकू से मरने वाले लोगों में 10% लोग पैसिव स्मोकिंग के कारण ही अपनी जान गंवा देते हैं।

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मुंबई स्थित पी.डी. हिंदुजा हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर के कंसलटेंट रेस्पिरोलोजिस्ट डॉ. लैंसलॉट पिंटो बताते हैं कि जो लोग सिगरेट छोड़ने के लिए तुरंत पूरी तरह से सिगरेट पीना बंद कर देते हैं ऐसे सिर्फ तीन प्रतिशत लोग ही सफल हो पायें हैं। इसका मतलब यह हुआ कि जिन 100 लोगों ने सिगरेट छोड़ने की बात सोची उनमें से 97 लोग कुछ समय बाद फिर से सिगरेट पीने लगे, यह काफी निराशाजनक परिणाम है। पढ़ें: प्रेगनेंसी पीरियड में पति के ज्यादा सिगरेट पीने से बच्चे को होते हैं ये खतरे

इसलिए अगर आप सिगरेट छोड़ना ही चाहते हैं तो हम यहाँ कुछ ऐसी ही थेरेपी बता रहे हैं जो सिगरेट की लत छुड़वाने में काफी असरदार हैं।

सीबीटी(Cognitive Behavioural Therapy) : इस थेरेपी में मनोचिकित्सक आपसे आपकी आदतों के बारे में बात करते हैं और बुरी आदतों को छोड़कर नई अच्छी आदतों को शुरू करने की सलाह देते हैं। इस पूरे थेरेपी का मकसद यह है कि आप कुछ नई स्किल्स सीखें और बेहतर तरीके से स्मोकिंग की लत से छुटकारा पा सकें। हालांकि डॉ. पिंटो का कहना है कि यह थेरेपी भी उतनी असरदार नहीं है सिर्फ 6-7% ही इस थेरेपी की मदद से स्मोकिंग छोड़ पाते हैं।

निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी: डॉ. पिंटो बताते हैं कि जो लोग कम मात्रा में सिगरेट पीते हैं उनके लिए यह थेरेपी काफी असरदार है। निकोटीन च्युइंगम के कारण आपकी निकोटीन की भूख भी शांत हो जाती है और आपके शरीर में बहुत कम मात्रा में निकोटीन पहुंचता है। निकोटिन पैच देखने में बिल्कुल बैंड-ऐड की तरह होता है। हालांकि अगर आप बहुत ही अधिक मात्रा में स्मोकिंग करते हैं तो शायद यह तरीका भी आपके लिए उतना असरदार न हो।

फार्माकोथेरेपी: फार्माकोथेरेपी के अंतर्गत तम्बाकू की बुरी लत छुडवाने के लिए मरीज को कुछ दवाइयां दी जाती हैं। डॉ पिंटो बताते हैं कि अभी भी कई फिजिशियन फार्माकोथेरेपी से अंजान हैं जबकि यह तरीका बाकि अन्य तरीकों की तुलना में काफी असरदार है। इसकी सफलता का प्रतिशत लगभग 35-40% के बीच है, डॉ पिंटो बताते हैं कि इस थेरेपी को पूरा करने में करीब तीन महीने से एक साल तक का समय लग जाता है। इसमें मरीज को वेरेनीक्लिन (varenicline) नामक एक दवा और साथ में एंटी-डिप्रेसेंट बुप्रोपियोन नामक दवा दी जाती है। पूरे ट्रीटमेंट के दौरान आप हमेशा अपने डॉक्टर के संपर्क में बने रहे और किसी भी तरह की दिक्कत होने पर तुरंत उन्हें बताएं। छोड़ने के बाद भी अगर किसी दिन आपको अचानक किसी वजह से सिगरेट पीने का बहुत मन हो रहा हो तो उस दौरान आप निकोटीन च्युइंगम ले सकते हैं।

फार्माकोथेरेपी के साइड इफ़ेक्ट: बुप्रोपियोन के सेवन से आपकी सिगरेट और तम्बाकू की भूख तो मिट जाती है लेकिन इसके साइड इफ़ेक्ट से मुंह सूखने लगता है और कई मरीज अनिद्रा जैसी बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। हालांकि ये साइड इफेक्ट्स दवाइयों की मात्रा कम करते ही खत्म भी हो जाते हैं। दूसरी तरफ वेरेनीक्लिन जो कि सिगरेट की लत छुड़वाने में सबसे असरदार दवा है इसके साइड इफ़ेक्ट से कई मरीजों को मिचली आने की समस्या हो जाती है। इसके अलावा कई मरीजों को सिर में दर्द और अजीब सपने आने जैसी भी समस्याएं हो जाती हैं।

चित्र स्रोत: Shutterstock


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