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अनुवादक – Usman Khan
क्रोनिक कोल्ड या पर्सिस्टन्ट रिनिट्स (persistent rhinitis) एक आम समस्या है। नाक से पानी बहना, खुजली होना, नाक बंद रहना और बार-बार आंखें लाल रहना इसके आम लक्षण हैं। ये एलर्जी घर की धूल और पालतू या अन्य जानवरों की वजह से हो सकती है। मुंबई स्थित कैराली आयुर्वेदिक सेंटर के मैनेजर डॉक्टर राहुल डोगरा के अनुसार, ये जरूरी नहीं है कि इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप हर बार एंटीबायोटिक दवाओंका ही सहारे लें। बल्कि आप आयुर्वेदिक दवाओं से भी राहत पा सकते हैं।
आयुर्वेद में ठंड को वात-कफाजा प्रतिशया के रूप में जाना जाता है। अमा (टोक्सिन), असतमया (व्यक्ति के आसपास के वातावरण में किसी भी तरह का परिवर्तन) और विरुद्ध आहार (खानेपीने का गलत कॉम्बिनेशन) से कोल्ड और एलर्जी की समस्या हो सकती है। अमा से पाचन और चयापचय बिगड़ सकता है। खानेपीने के गलत कॉम्बिनेशन जैसे-मछली के साथ दूध, फ्रूट जूस के साथ दूध, शहद के साथ मक्खन और रात को खाने के बाद आइसक्रीम से एलर्जी हो सकती है।
क्रोनिक कोल्ड का यह है आयुर्वेदिक उपचार
अगर लक्षण पुराने और गंभीर हैं, तो पंचकर्म उपचार सही होता है। यह अमा को राहत देने और त्रिदोष को संतुलित करने में मदद करता है। ऐसे लोग जिन्हें पाचन की समस्या नहीं है उनके लिए नसया उपचार (नेजल ड्रॉप्स थेरेपी) बेहतर है। ऐसे में अनु तालिया या शदबिंदु तालिया हर्बल ऑयल से आराम मिलता है। पंचकर्म उपचार के बाद आयुर्वेदिक दवाएं सांस की प्रतिरोधक क्षमता और ऊपरी श्वसन तंत्र की शक्ति में सुधार करने के लिए सहायक मानी जाती हैं।
पुरानी ठंड के लिए आयुर्वेदिक दवाएं
ऐसा हो आपका खानपान
चित्र स्रोत - Shutterstock