बार-बार बीमार होने से बचना है? आयुर्वेद की मदद लीजिए

इम्यूनिटी की कमी करती है आपको अक्सर बीमार।

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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:39 AM IST

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अनुवादक – Shabnam Khan

आयुर्वेद में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को व्याधि क्षमत्व कहा गया है। हमारे शरीर का रक्षात्मक कार्य करने में ओजस,हमारी ऊर्जा महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ओजस सारे ऊतकों, कोशिकाओं और हिस्सों में फैल जाता है और हर एक की इम्यूनिटी बनाए रखता है। इस तरह ये शरीर को बीमार पड़ने से बचाता है। कैलोरी आयुर्वेदिक ग्रुप की डायरेक्टर डॉक्टर गीता रमेश और कैलोरी आयुर्वेदिक सेंटर के ऑपरेशन्स मैनेजर डॉक्टर राहुल डोगरे ने इम्यूनिटी बढ़ाने के तरीके हमें बताए।

बल या इम्यूनिटी 3 प्रकार की होती है

1)  सहज – ये नैचुरल इम्यूनिटी होती है जो हम अपने माता-पिता से प्राप्त करते हैं।

2)  कलज – समय, मौसम, उम्र से जुड़ी इम्यूनिटी।

3)  युक्तिकृत – हासिल की हुई इम्यूनिटी।

युक्तिकृत बल का मतलब होता है वो इम्यूनिटी जो आपने हासिल की है। इस काम में ये औषधियां और घरेलू उपाय काम आते हैं:

1)  रसायन चिकित्सा – आयुर्वेद की ये शाखा इम्यूनिटी बढ़ाने और इंसान की मानसिक और शारीरिक रूप से फिर से नया जैसा बनाने में मदद करती है।

2)  व्यायाम – हर रोज एक्सरसाइज करना ज़रूरी है। श्रम क्षमता का 50 प्रतिशत तक एक्सरसाइज़ की जानी चाहिए। इससे इम्यूनिटी और हाज़मा बढ़ता है।

3)  सत्मय – इस विधि में, इम्यूनिटी बढ़ाने वाली चीज़ों को रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल किया जाता है।

आयुर्वेद में इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं:

  • चवनप्राश खाने की काफी सलाह दी जाती है (डायबिटीज़ के मरीजों को नहीं)
  • चंद्रप्रभा वटी
  • त्रिफला चूर्ण इम्यूनिटी बढ़ाता है और हाज़मा बेहतर बनाता है।
  • हल्दी दूध रोज लिया जाना चाहिए।
  • बीमारियों को दूर रखने के लिए हर रोज़ 2-3 कच्ची लहसुन की कलियां खाएं।
  • उबलते पानी में अदरक मिलाकर बनाई जाने वाली अदरक की चाय पीने से बहुत अच्छा असर पड़ता है।
  • अश्वगंधा, दूध के साथ।
  • हर रोज़ एक ग्लास गर्म पानी में गिलोय पाउडर डालकर पीना फायदेमंद है।
  • खाने में नींबू का रस मिलाएं या गुनगुने पानी में शहद नींबू का रस डालकर हर सुबह पियें।

चित्र स्रोत - Shutterstock


 

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