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प्रदूषित पानी पीने से आपको हैजा (cholera) और टाइफॉयड (typhoid) जैसी कई बीमारियां हो सकती हैं और बरसात के मौसम में ये समस्याएं और भी विकराल रुप ले लेती हैं। ऐसे में यह बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है कि हम केवल शुद्ध पानी पीएं।
बारिश के दिनों में जगह-जगह बरसात का पानी जमा होने, बाथरूम और सीवेज पाइप्स के फटने, गटर नाले आदि के खुले रहने या अपने स्तर से ऊपर बहने के कारण पीने का वह पानी जिसे पाइपों के ज़रिए आपके घरों तक पहुंचाया जाता है, उसके दूषित होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे पानी को पीने या भोजन में इनके इस्तेमाल से वायरस आसानी से आपके शरीर में प्रवेश कर जाते हैं और आपको बीमार बना देते हैं। जहां हाथ धोने और घर में बना खाना खाने जैसी छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखते हुए हम बीमारियों का खतरा कुछ हद तक कम कर सकते हैं। वहीं यहां दी गयी टिप्स की मदद से आप केवल शुद्ध और साफ पानी पी सकते हैं।
• सबसे पहले एक बात गांठ बांध लें कि आप केवल उबाला हुआ और छाना हुआ या फिल्टर्ट पानी पीएंगें। नल का पानी सीधे न पीएं क्योंकि वह पीने लायक नहीं होता।
• जब भी कहीं बाहर जाएं तो अपने साथ घर से एक बोतल लेकर ही जाएं। प्याऊ और चाय की दुकानों पर पानी पीने की बजाय अपनी बोतल से पानी पीएं।
• अगर कोई बीमार है तो उसकी बोतल से पानी न पीएं और ना ही उसे अपनी बोतल से पानी पीने दें। ऐसा करने से इंफेक्शन फैलता है।
घर में इस तरह बनाएं पानी को शुद्ध
बहुत से लोगों को लगता है कि चलता हुआ या बहता हुआ पानी केवल मलमल के कपड़े से छान लेने से वह पीने लायक हो जाता है। जी नहीं, इस तरीके से पानी में घुले कंकड़-पत्थर जैसी चीज़ें ज़रूर साफ हो जाती हैं लेकिन यह शुद्ध या पीने लायक नहीं बनता। इस पानी में बैक्टेरिया, वायरस और विषैले तत्व हो सकते हैं। इसीलिए पीने से पहले पानी को उबालकर छान लें। पानी उबलने लगे तो 2-3 मिनट तक उसे उबालते रहें और उसके बाद ठंडा करें। इससे पानी में मौज़ूद कीटाणु मर जाते हैं और आपके पीने के लिए यह पानी शुद्ध हो जाता है। इसी तरह पीने का हमेशा ढककर रखना चाहिए।
आप जिस बर्तन में पानी रखते हैं वह भी बहुत महत्वपूर्ण होता है। भले ही आपका पानी साफ और शुद्ध हो लेकिन अगर बर्तन साफ नहीं तो पानी दूषित हो जाएगा जिससे आपको इंफेक्शन हो सकता है। ध्यान रखें कि पानी के बर्तन का ढक्कन लगा हुआ हो और उसमें कोई हाथ न डाले।
दूध या फ्रूट जूस की बोतल में पानी भरकर न रखें क्योंकि दूध में मौजूद प्रोटीन और जूस में मौजूद फ्रूट शुगर बॉटल से चिपक जाते हैं जिनमें बैक्टेरिया जमा हो जाता है जो आपके पीने के पानी से घुल सकता है।
आजकल बाज़ार में विभिन्न प्रकार के वॉटर प्यूरिफायर उपलब्ध हैं। ये इस्तेमाल और साफ सफाई के लिहाज से काफी आसान होते हैं और आपको पीने का शुद्ध पानी उपलब्ध कराते हैं। अगर आप इन्हें खरीद सकते हैं तो अपने घर में ज़रूर लगवाएं ताकि आपके परिवार को हर मौसम में शुद्ध पानी मिलता रहे।
वॉटर प्यूरिफायर के विभिन्न प्रकार होते हैं। सबसे लोकप्रिय प्रकार हैं यूवी और आरओ टेक्नोलॉजी वाले। यूवी तकनीक में पानी को कम-वेवलेंथ वाली अल्ट्रावयलेट रेडिएशन का इस्तेमाल कर पानी को शुद्ध बनाया जाता है जबकि आरओ (reverse osmosis) तकनीक में पानी में मौजूद अशुद्धियां हटाने के लिए एक पारदर्शी झिल्ली और दबाव का उपयोग किया जाता है।
इन वॉटर प्यूरिफायर की नियमित समय पर साफ-सफाई और जांच करानी पड़ती है इसलिए उसका ध्यान रखें।
घर पर पानी को शुद्ध कैसे बनाएं?
जहां घर में पानी को शुद्ध बनाना आसान है वहीं अगर आप कही कैम्प या यात्रा पर गए हैं और आपको नदी, तालाब या झरनों जैसे प्राकृतिक स्रोतो का पानी पीना है तो यह पता लगाना थोड़ा मुश्किल होगा कि वह पानी शुद्ध है या नहीं। ऐसी स्थिति में इन बातों पर ध्यान दें।
बीमार होने से बचने के लिए इन आसान टिप्स पर ध्यान ज़रूर दें।
*वॉशिंग्टन स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ और द यूनाइटेड स्टेट्स इन्वाइरन्मेन्टल प्रोटेक्शन एजेंसी द्वारा उपलब्ध जानकारियों के आधार पर।
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अनुवादक -Sadhna Tiwari
चित्र स्रोत- Shutterstock