... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
अल्जाइमर (Alzheimer’s) एक ऐसी बीमारी है जिसमें इंसान धीरे धीरे अपनी याददाश्त खोने लगता है। आमतौर पर उम्रदराज लोगों को यह समस्या ज्यादा होती है और इस बीमारी से दैनिक जीवन में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ऐसे मुश्किलों से गुज़र रहे अपने करीबियों को देखना काफी दुखदायी होता है। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि आखिर किन वजहों के कारण कोई इंसान अल्जाइमर जैसी बीमारी का शिकार हो जाता है? क्या इसका इलाज संभव है? हमने इस बारे में दिल्ली के पटपड़गंज स्थित मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के न्यूरोलॉजी एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. विवेक कुमार से विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि हमें अपने मस्तिष्क के स्वास्थ्य का बहुत ध्यान रखना चाहिये और बढ़ती उम्र के हिसाब से उसकी देखभाल करनी और ज़रूरी हो जाती है।
अल्जाइमर को कैसे रोकें?
पूरे दुनिया के रिसर्चर अभी भी इस बीमारी पर रिसर्च कर रहे हैं और इसका उचित इलाज खोजने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि अभी तक इसका इलाज विकसित नहीं किया गया है फिर भी कई डॉक्टरों का कहना है कि आप कुछ सावधानियां बरतकर इस बीमारी से काफी हद तक बच सकते हैं।
अल्जाइमर से बचने के टिप्स: शरीर के अन्य सभी अंगों की तरह मष्तिष्क का ख्याल रखना भी उतना ही ज़रूरी है। जीवनशैली में कुछ बड़े बदलाव लाकर आप काफी हद तक चीजों को अपने कंट्रोल में कर सकते हैं। मष्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए ये 6 चीजें बहुत ज़रूरी हैं।
आप अपनी रोजाना कि लाइफ में इन 6 आयामों पर जितना बेहतर तरीके से काम करेंगें यकीन मानिये आपके दिमाग का स्वास्थ्य उतना ही बेहतर रहेगा। हम यहाँ हर एक के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।
1- नियमित व्यायाम: एक हफ्ते में कम से कम पांच बार आधे घंटे एरोबिक एक्सरसाइज ज़रूर करें। टहलें, तैराकी करें या ऐसा कोई भी एक्टिविटी करें जिससे आपका हार्ट रेट बढ़ता हो। इसके लिए आप डेली रूटीन के कुछ काम जैसी कि गार्डनिंग, घर की साफ़ सफाई या कपड़े धुलने जैसी काम भी कर सकते हैं। मसल मॉस को बढ़ाने वाली एक्सरसाइज करें, इससे न सिर्फ आपकी मांसपेशियां मजबूत होती हैं बल्कि ये आपके दिमाग के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं। एरोबिक एक्सरसाइज करने के साथ मजबूती प्रदान करने वाले एक्सरसाइज को करना, दिमाग को स्वस्थ रखने का सबसे बढ़िया तरीका है।
बचपन में सिर में लगी चोट के कारण बड़े होने पर अल्जाइमर का खतरा ज्यादा रहता है। बैलेंस और कोआर्डिनेशन एक्सरसाइज को अपने एक्सरसाइज रूटीन में ज़रूर शामिल करें इससे आपका दिमाग चुस्त दुरुस्त रहता है। बैलेंस एक्सरसाइज के लिए आप योगा कर सकते हैं। एक महीने तक इन सारी चीजों का नियमित पालन करें। 28 दिन तक किसी भी काम को रोजाना करने से वो आपकी आदत में शामिल हो जाता है। एक बार ये सारे एक्सरसाइज प्लान आपके आदत में आ जायेंगे तब आपको इन्हें रोजाना याद करके नहीं करना पड़ेगा। अपना गोल सेट करें और इसे दीवार पर सामने चिपका दें।
कई शोधों में इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि सिर में लगी चोट के कारण ही अल्जाइमर होने का खतरा ज्यादा रहता है। कई बार फुटबॉल, क्रिकेट या बॉक्सिंग के समय सिर में चोट लग जाती हैऔर बाद में चलकर इससे कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इसलिए कभी भी कोई भी खेल खेलते समय अपनी सिर की देखभाल अच्छे से करें और अगर मुमकिन हो तो हेलमेट पहन कर खेलें। ड्राइविंग करते समय कभी भी हेलमेट न लगायें।
2- हेल्दी डाइट: शरीर के अन्य अंगों की ही तरह मस्तिष्क को भी उतने ही पोषक तत्वों की ज़रूरत होती है। इसलिए अपनी डाइट में ताजे फल और हरी सब्जियों को अधिक से अधिक मात्रा में शामिल करें। अल्जाइमर से बचने के लिए मस्तिष्क में मौजूद गिलाल कोशिकाओं(glial cells) को बचाकर रखना बहुत ज़रूरी होता है। अदरक, ग्रीन टी और सोया आइटम्स को खाने से मस्तिष्क में मौजूद ये ज़रूरी कोशिकाओं को पोषण मिलता है और वे लम्बे समय तक सही रहती है।
डाइट में सप्लीमेंट का उपयोग बढ़ा दें जैसे कि फोलिक एसिड, विटामिन बी 12,मैग्नीशियम और फिश ऑयल दिमाग के स्वास्थ्य के लिए बहुत ज़रूरी होते हैं। शोध के अनुसार विटामिन इ, गिंको बिलोबा (ginkgo biloba) और हल्दी का सेवन करने से अल्जाइमर और डीमेंसिया जैसी बीमारियों से बचा जा सकता है। इन सबके अलावा अगर आप इस गंभीर बीमारी से खुद को दूर रखना चाहते हैं तो धूम्रपान और अल्कोहल का सेवन पूरी तरह बंद कर दें। एक सर्वे के अनुसार 65 साल से अधिक उम्र के ऐसे लोग जो स्मोकिंग करते हैं उनके इस बीमारी से पीड़ित होने की संभावना काफी ज्यादा होती है। आप जैसे ही सिगरेट और शराब का सेवन कम करते हैं वैसे ही कुछ ही दिनों बाद आपको सकारात्मक परिणाम दिखने लगते हैं।
3- दिमाग को एक्टिव रखें: ऐसे लोग जो हमेशा कुछ न कुछ नया सीखने की कोशिश करते रहते हैं उनके अल्जाइमर या डीमेंसिया से पीड़ित होने का खतरा बहुत ही कम रहता है। इसलिए हमेशा अपने दिमाग को एक्टिव रखें। कुछ नई हॉबी अपनाएं और हमेशा कुछ नया सीखते रहे और ऑफिस में अपने कामों को जल्दी निपटाएं। ये सारे काम आपके दिमाग को एक्टिव रखते हैं।
4- अच्छी नींद: दिमाग को सही तरीके से काम करने के लिए सबसे ज्यादा ज़रूरी होता है अच्छी नींद लेना। नींद पूरी न होने की वजह से आप कई तरह की मानसिक और शारीरिक समस्याओं से जूझते रहते हैं। कम सोने वाले लोगों में उम्र बढ़ने के साथ अल्जाइमर होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए रोजाना कम से कम आठ घंटे की भरपूर नींद लें।
5- स्ट्रेस: स्ट्रेस का जितना बुरा असर आपके शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ता है उससे ज्यादा बुरा असर आपके दिमाग पर पड़ता है। स्ट्रेस के कारण मष्तिष्क के वे हिस्से जो मेमोरी स्टोर करने के लिए ज़िम्मेदार होते हैं वे सिकुड़ने लगते हैं और इससे जुड़ी कई कोशिकाओं का विकास रुक जाता है जिससे अल्जाइमर का खतरा बढ़ जाता है। स्ट्रेस को कम करने के लिए आप अपनी डेली रूटीन में इन चीजों को शामिल करें।
सांस लेना: ब्रीथिंग एक्सरसाइज करने से शरीर के अन्दर ऑक्सीजन की मात्रा काफी बढ़ जाती है और इससे स्ट्रेस कम होता है। इसलिए सांस से जुड़ी योगासनों को अपने डेली रूटीन में शामिल करें।
रिलैक्स एक्टिविटी: स्ट्रेस को कंट्रोल करने के लिए सबसे ज़रूरी है कि आप खुद को खुश और चिंता मुक्त रखें। इसके लिए आप पार्क में टहल सकते हैं दोस्तों के घर जाकर उनसे बाते कर सकते हैं या फिर अच्छी कॉमेडी फ़िल्में देख सकते हैं।
मन की शांति: कई वैज्ञानिकों का मानना है कि दिमाग की शांति स्ट्रेस को दूर भगाने के लिए बहुत ज़रूरी है। मानसिक शांति के लिए आप रोजाना प्रार्थना और मैडिटेशन कर सकते हैं। इससे मन को बहुत शांति मिलती है।
6 -एक्टिव सोशल लाइफ: कभी भी आप खुद को अकेला न छोड़ें क्योंकि अकेले रहने से दिमाग में कई तरह के विचार आते हैं जिससे आप परेशान हो जाते हैं। कई शोधों के अनुसार आपकी सोशल लाइफ जितनी बेहतर होगी आप अन्दर से उतना ही खुश रहेंगे और इससे अल्जाइमर जैसी बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। इसलिए अपनी सोशल लाइफ को एक्टिव रखें खूब सारे दोस्त बनाएं और उनके साथ बाते करें, घूमने जायें।
इन सबके अलावा भी कुछ ऐसे काम हैं जिन्हें नियमित रूप से करके आप अल्जाइमर की समस्या को रोक सकते हैं। आइये जानते हैं ऐसी ही कुछ बातें
Read this in English
अनुवादक: Anoop Singh
चित्र स्रोत: Shutterstock