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अनुवादक: Mousumi Dutta
कैंसर होने का पता जैसे ही चलता है लोग ये पकड़ ही लेते हैं कि मौत अब जिंदगी के दरवाजे पर दस्तक देने के लिए तैयार है। कैंसर के बारे में एक बात सच ये है कि जितनी देर से इस बीमारी का निदान और इलाज शुरू होगा उतनी ही कैंसर से ठीक होने की संभावना कम हो जायेगी। देर से इलाज शुरू करने के कारण मेटास्टेसीस (metastasis) यानि कैंसर शरीर में फैलने लगता है जिसके कारण धीरे-धीरे शरीर के सारे अंग प्रभावित होने लगते हैं और बाद में मल्टीपल ऑर्गन फेल्यर होने लगता है। इसके लिए ज़रूरी है कि हर कोई इसके बारे में सही जानकारी और ज्ञान रखें चाहे वह बच्चा, नई दंपत्ति, कॉलेज जाने वाले युवा वर्ग या उम्रदराज़ लोग हो। कैंसर के बारे में सही जानकारी और जागरूकता ही लक्षणों की सही तरह से पहचान कर पाने में सक्षम होगा और जीवन को बचा पायेगा। कैंसर जागरूकता के कारण सही समय पर इलाज किसी की जान बचा सकता है। पढ़े- ये 25 रोजमर्रा के चीजों से बढ़ सकता है कैंसर होने का खतरा
साधारणतः बुख़ार, बदन दर्द, बिना किसी कारण वज़न का लगातार घटना, बीमार महसूस होने जैसे लक्षण अगर तीन महीनें से ज्यादा दिनों से आपको कष्ट पहुँचा रहे हैं तो कैंसर होने की संभावना तीव्र है। तुरन्त डॉक्टर के पास जायें और अपना ब्लड टेस्ट करवायें। बोन मैरो (bone marrow) के पर्याप्त मात्रा में लाल रक्त कण न तैयार कर पाने के कारण हिमोग्लोबीन की कमी हो जाती है और उसी कारण कमजोरी महसूस होती रहती है, ये कुछ विशेष प्रकार के कैंसर के लक्षण है। पढ़े- कैंसर से लड़ने वाले 13 आहार के बारे में जानें
वैसे तो कैंसर के सारे लक्षणों के बारे में बताना मुश्किल है क्योंकि हर इंसान के शरीर के मुताबिक कैंसर के लक्षण भी भिन्न-भिन्न तरह के होते हैं। यहाँ कुछ ऐसे लक्षणों के बारे में बताया जा रहा है जो आम हैं-
• दस्त और कब्ज़ लंबे समय तक ठीक न होना- ये इन्टेस्टनल यानि आंत के कैंसर के लक्षण हो सकते हैं।
• खांसी या आवाज की कर्कशता लंबे समय तक रहना- अगर एन्टीबायोटिक लेने के बावजूद खांसी और आवाज में बदलाव नहीं आ रहा है तो गले में कैंसर होने की संभावना हो सकती है।
• मल या स्टूल में ब्लड होना- ये गैस्ट्रोइंटेस्टनल कैंसर होने के लक्षण है।
• मूत्र में ब्लड दिखना- अगर फीवर होने के साथ-साथ मूत्र में रक्त नजर आये और पेट में दर्द हो तो ये किडनी कैंसर होने के लक्षण हो सकते हैं।
• मुँह के छाले या अल्सर का ठीक न होना- ये लक्षण ओरल कैंसर के हो सकते हैं विशेषकर जब आप सिगरेट पीते हो, तम्बाकू या गुटका खाते हों।
• लंबे समय तक पिरीयड होते रहना- अगर आपको दस दिनों से भी ज्यादा दिनों तक मासिक स्राव हो रहा है तो ये गर्भाशय कैंसर के लक्षण हो सकते हैं।
• खांसी के साथ कफ/बलगम में रक्त दिखना- अगर आपकी खांसी ठीक नहीं हो रही है साथ ही बलगम/कफ में रक्त भी दिख रहा है तो ये लंग्स कैंसर के लक्षण हो सकते हैं।
• बार-बार पीलिया रोग होना- अगर आपको बार-बार पीलिया रोग हो रहा है तो ये भी लीवर कैंसर के लक्षण हो सकते हैं।
• ब्रेस्ट में लंप या गांठ/सूजन आदि नजर आना- सारे गांठ कैंसर के लक्षण नहीं हो सकते हैं लेकिन इसके लिए आपको ब्रेस्ट सर्जन से संपर्क करने की ज़रूरत है। 35 साल के बाद हर एक या दो वर्ष में मैमोग्राफी ज़रूर करवा लेना चाहिए।
• मस्सा या तिल के साइज में बदलाव- ये स्किन कैंसर के लक्षण हो सकते हैं।
• शरीर में कहीं भी गांठ होना- अगर आपको शरीर में कहीं भी सूजन या गांठ दिख रहा है तो तुरन्त डॉक्टर से सलाह लें।
अब तो आपको कैंसर के लक्षणों के बारे में पता चल गया है इससे आप खुद की या प्रियजनों की या दूसरों की जान बचा सकते हैं। आप इस सूचना को जितने लोगों तक पहुँचायेंगे उतने ही लोगों की जान बचा पायेंगे। पढ़े- 7 योगासन कैंसर से लड़ने में करते हैं मदद
चित्र स्रोत: Shutterstock