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अच्छी नींद लेने और पीठ दर्द से बचने के लिए इन 2 पोजिशन में सोयें

अगर आप पेट के बल सोते हैं, तो आपको पीठ और गर्दन में दर्द हो सकता है!

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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 12:16 PM IST

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अनुवादक – Usman Khan

दिनभर काम की थकावट के बाद रात को बिस्तर पर आराम की नींद सबको प्यारी होती है। वास्तव में रात की अच्छी नींद आपके स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। लेकिन सही पोजिशन में नहीं सोने से आपके शरीर को नुकसान हो सकता है। पैन मैनेजमेंट स्पेशलिस्ट डॉक्टर अनिल कुलकर्णी आपको बता रहे हैं कि सोने की अच्छी और ख़राब मुद्रा क्या होती है। पढ़ें- बच्चों को कितने घंटे सोना चाहिए?

सोने की सही मुद्रा

1) बायें तरफ सोना- बायें तरफ करवट लेकर सोने से बेचैनी कम करने में मदद मिलती है, इसलिए इस मुद्रा में सोने से अच्छा होता है। लेकिन इसके विपरीत यानि दायें ओर करवट लेकर सोने से बेचैनी बढ़ जाती है। जर्नल ऑफ़ क्लिनिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी रिसर्च में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, शोधकर्ताओं ने कुछ स्वस्थ लोगों को उच्च वसा वाला भोजन खिलाया और उन्हें चार घंटे तक एक साइड में सोने के लिए कहा। शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग दायें ओर करवट लेकर सो रहे थे उनका एसिड रिफल्कस (acid reflux) अधिक था। अमेरिकन जर्नल ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन में भी इस बात का जिक्र है। इसके अलावा बायें ओर सोने से गर्भवती महिलाओं का ब्लड फ्लो बेहतर बना रहने में मदद मिलती है। लेकिन ध्यान रहे कि आपके सिर के नीचे एक तकिया हो, जिससे आपकी मुद्रा सही बनी रहे।

2) पीठ के बल सोना- अगर आपको पीठ के बल सोने की आदत है, तो ये बहुत अच्छी आदत है। इस मुद्रा में सोने से आपके शरीर का वजन संतुलन में रहता है और आपको पीठ और गर्दन दर्द का जोखिम भी कम रहता है। अपनी पीठ को सीधा रखने के लिए आप अपने पैरो के नीचे एक तकिया लगा सकते हैं।

सोने की ख़राब मुद्रा

पेट के बल सोना- पेट के बल सोने में बेशक मजा आता है लेकिन इस मुद्रा में सोने से आपकी पीठ और गर्दन में दर्द हो सकता है। दरअसल इस मुद्रा में आपका सिर सारी रात नीचे की ओर झुका रहता है। इससे आपकी रीढ़ पर असर पड़ता है, जिससे आपकी पीठ और गर्दन में दर्द हो सकता है।

इसलिए आज रात अपने बिस्तर पर जाने से पहले एक बार अपने सोने की मुद्रा पर गौर ज़रूर कर लें। अगर आप ऊपर बतायी गयी मुद्राओं में सहज महसूस नहीं कर पाते हैं, तो आप अपने घुटनों के बीच तकिया लगा सकते हैं। इससे आपकी मुद्रा सही बनी रहेगी और और आप दर्द की समस्या से बच जाएंगे।

चित्र स्रोत - Shutterstock

संदर्भ: Katz LC, Just R, Castell DO. Body position affects recumbent postprandial reflux. J Clin Gastroenterol. 1994 Jun;18(4):280-3. PubMed PMID: 8071510.

[2] van Herwaarden MA, Katzka DA, Smout AJ, Samsom M, Gideon M, Castell DO. Effect of different recumbent positions on postprandial gastroesophageal reflux in normal subjects. Am J Gastroenterol. 2000 Oct;95(10):2731-6. PubMed PMID: 11051341.