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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:42 AM IST
शोधकर्ताओं के अनुसार, रोजाना आठ घंटे सोने से सेहत अच्छी रहती है। पर्याप्त नींद नहीं लेने से अनिद्रा की समस्या हो सकती है। क्या आप जानते हैं कि अच्छी नींद के लिए क्या करना चाहिए? डिप्रेशन अनिद्रा का लक्षण है और ऐसा माना जाता है कि लगभग 30 फीसदी लोग अनिद्रा के शिकार होते हैं। आपको जानकार हैरानी होगी कि ज्यादा सोने से भी आपको समस्या हो सकती है। अगर आप दस घंटे से भी ज्यादा सोते हैं और उसके बाद भी थकान महसूस करते हैं और सुस्त रहते हैं, तो संभावना है कि आप अवसाद से पीड़ित हों।
पब्लिक लाइब्रेरी ऑफ साइंस में प्रकशित एक अध्ययन के अनुसार, बहुत ज्यादा सोने को ना केवल पुराने रोगों से जोड़कर देखा जाता है बल्कि यह हाई बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) और मनोरोग विकार का संकेत भी हो सकता है। एक अध्ययन में 15 से 85 साल के 24,671 लोगों को शामिल किया गया। इसके बाद उनके कुल सोने के समय को दो हिस्सों में बांट दिया गया पहला, देर तक सोने वाले और दूसरा कम सोने वाले। डॉक्टरों ने पाया कि इन लोगों के बीच नींद का औसत समय 7 घंटे 13 मिनट था और केवल 612 यानि 2.7 फीसदी लोग ही दस घंटे से ज्यादा सोते थे।
जो लोग सात घंटे से कम सोते थे उन्हें पुराने रोग और जो ज्यादा सोते थे उन्हें मनोरोग होने के संभावना थी। वास्तव में लंबे समय तक सोने वाले लोग अवसाद से ज्यादा पीड़ित थे क्योंकि शोधकर्ताओं के कहना था कि इन लोगों के साथ अतीत की कुछ दर्दनाक घटनाएं जुड़ी हुई थी। अवसाद को डेसेनिया (dysania) से भी जोड़कर देखा जाता है, ये एक ऐसी स्थिति है, जिसमें बिना सोए हुए भी बिस्तर पर रहने का मन करता है। डिप्रेशन के अलावा अगर आप हर समय नींद महसूस करते हैं, तो ये हाइपरसोमनिया (hypersomnia) की भी समस्या हो सकती है।
इसमें कोई शक नहीं है कि नींद का सोचने-समझने की क्षमता और मानसिक प्रक्रिया में अहम रोल है। आपके सोने का तरीका आपके स्वास्थ्य का ही संकेत है। बिस्तर पर कई घंटे सोने के बावजूद अगर आपको ऐसा लगता है कि आपको पर्याप्त आराम नहीं मिल रहा है और अवसाद के लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो आपको किसी अच्छे चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए। हो सकता है ये अकेलेपन, चिड़चिड़ापन, मिजाज बदलना और उदासी के लक्षण हों।
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अनुवादक – Usman Khan
चित्र स्रोत - Shutterstock