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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:40 AM IST
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अनुवादक: Anoop Singh
आज के समय में कई लोग एंग्जायटी डिसऑर्डर से पीड़ित होते हैं और उन्हें इस बात का पता भी नहीं होता कि वे ऐसी किसी गंभीर बीमारी के शिकार हैं। इस बीमारी से पीड़ित मरीज कभी भी पैनिक अटैक के खतरे का शिकार हो सकता है। सबसे अजीब बात तो यह है कि मरीज को कभी कभी यह पता ही नहीं चलता कि जो उसे महसूस हो रहा है वो पैनिक अटैक है या कुछ और। इसलिए बहुत ज़रूरी है कि आप इस बीमारी के बारे में और इसके लक्षणों को पहले जान लें और यह भी जान लें कि इससे बचने के क्या उपाय हैं।
मुंबई स्थित मसिना हॉस्पिटल के मनोचिकित्सक डॉ युसूफ मैचस्वाला बताते हैं कि जब भी किसी को पैनिक अटैक आता है जो अचानक मरीज को समझ में नहीं आता कि उसे ऐसा क्यों महसूस हो रहा है या वो अचानक से इतना क्यों घबरा रहा है। पैनिक अटैक थोड़ी देर से लेकर आधे घंटे तक का भी हो सकता है। बहुत ज्यादा भीड़ वाली जगह में होने पर या फिर ट्रेवल करते समय या किसी अनजान छोटी सी जगह पर फंस जाने पर पैनिक अटैक होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। पढ़ें : 4 बादाम ही काफी हैं चिंता और घबराहट दूर करने के लिए, ये चीजें भी खाएं
जब भी मरीज को पैनिक अटैक होता है ऐसे में उसे एंग्जायटी वाले सारे लक्षण महसूस होने लगते हैं। उसे सीने में दर्द, सांस फूलना, चक्कर आना और पसीने आने लगते हैं। कई बार मरीज को ऐसा लगता है जैसे उसे हार्ट अटैक आ गया है। ऐसे में मरीज किसी भी कीमत पर उस सिचुएशन से बाहर निकलना चाहता है। शुरू शुरू में मरीज को लगता है कि उसके साथ कुछ बहुत बुरा होने वाला है और आगे चलकर पूरी तरह वह इसकी चपेट में आ जाता है।
पैनिक अटैक से कैसे बचें: जब भी आप ऐसा कुछ महसूस करें उस समय गहरी गहरी सांसे लें और सांसो पर फोकस करें। अगर आप किसी भीड़भाड़ वाली जगह पर हैं तो कोई शांत सी जगह तलाशें और अगर आपके साथ में कोई है तो उसे यह बताएं कि आप ऐसा महसूस कर रहे हैं। अगर मरीज को थोड़ी देर में आराम महसूस होने लगे तो ठीक है नहीं तो तुरंत उसे किसी नजदीकी डॉक्टर के पास लेकर जायें।
जब भी आपको इतनी घबराहट हो उस समय खुद को यह दिलासा दें कि कुछ भी हो जायें आप इससे मरने वाले नहीं हैं बस ये अस्थायी रोग है और दवाइयों से ठीक हो जायेगा। गहरी सांसे लें और खुद को अन्दर से हिम्मत दें तो आप आसानी से इससे ऊबर सकते हैं।
चित्र स्रोत: Shutterstock