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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:41 AM IST
कुछ लोगों को एडवेंचर स्पोर्ट्स बहुत ज्यादा पसंद आते हैं जैसे कि पैराग्लाइडिंग करना या बंजी जम्पिंग करना। अगर आप ने भी कभी इस तरह के कोई एडवेंचर स्पोर्ट्स में भाग लिया होगा तो आपने ऐसा कुछ करने से पहले कुछ अजीब सी फीलिंग महसूस की होगी जैसे कि अचानक से हार्ट रेट बढ़ जाना, पसीने आना और पेट में कुछ अजीब सी गुदगुदी होना। ये सब एक ख़ास किस्म के हार्मोन के कारण होता है जिसका स्त्राव एडवेंचर के समय बढ़ जाता है। एड्रेनालाईन नामक हार्मोन के कारण ही ये सब कुछ महसूस होता है और इसी के कारण हार्ट रेट भी बढ़ जाता है।
हालांकि आज कल की तनाव भरी जीवनशैली में आप एड्रेनालाईन हार्मोन से होने वाली फीलिंग से अक्सर ही रूबरू होते रहते हैं जैसे कि टाइम लिमिट में अपना प्रोजेक्ट न पूरा कर पाना या फिर अपने ऑफिस में सबके सामने प्रेजेंटेशन देते समय भी आप ऐसे ही तनाव में आ जाते हैं। मुंबई स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल के डॉ. मनीष पेंसे बताते हैं कि, वैसे तो किसी एडवेंचर स्पोर्ट्स में थोड़ी देर के लिए ये फीलिंग आना सही रहता है लेकिन अगर बार बार आपके शरीर में इस हार्मोन का ज्यादा स्त्राव हो रहा है तो यह आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है। बार-बार एड्रेनलाईन के स्त्राव के कारण दिल की मांसपेशियां कमजोर पड़ जाती हैं और हो सकता है कि इससे आप हार्ट अटैक के शिकार भी हो जायें। बार-बार इस हार्मोन के निकलने के कारण मष्तिष्क का वह महत्वपूर्ण हिस्सा जिसमें सारी मेमोरी स्टोर होती है वो सिकुड़ने लगता है। इसके अलावा स्ट्रेस बढ़ जाने के कारण ब्लड प्रेशर भी बढ़ जाता है जिससे आप कई अन्य तरह की समस्याओं से घिर जायेंगे।
इसलिए इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप नीचे बताये हुए तरीके अपनाएं।
गहरी सांसे लें : तीन सेकंड तक नाक से गहरी सांस लें और फिर इसे मुंह से अगले 6 सेकंड में छोड़ें। इसे तब तक करें जब तक आप बिल्कुल शांत न हो जायें। कभी कभी जब एड्रेनलाईन हार्मोन का स्त्राव ज्यादा होने लगता है तो कई बार घबराहट के कारण आपकी सांसे तेज चलने लगती है और आप बहुत परेशान हो जाते हैं। ऐसी अवस्था में गहरी सांसे लेना बहुत ज्यादा फायदेमंद होता है।
मेडिटेशन : अगर आप हर तरह के तनाव और घबराहट से खुद को दूर रखना चाहते हैं तो रोजाना कम से कम 20 मिनट मेडिटेशन ज़रूर करें। मैडिटेशन के लिए कुर्सी पर या नीचे फर्श पर आरामदायक अवस्था में बैठ जायें और अपनी सांसो पर फोकस करें। दिमाग में आने वाले विचारों को छेड़ें नहीं या उनसे परेशान न हों बल्कि वे जैसे भी हो उन्हें आने दें और आप सिर्फ अपनी सांसो पर फोकस करें। शुरुवात के कुछ दिनों तक रोजाना 20 मिनट इसे करें फिर इसकी समयाविधि बढ़ा दें।
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अनुवादक: Anoop Singh
चित्र स्रोत: Shutterstock