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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:35 AM IST
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अनुवादक – Usman Khan
भारत में जॉनसन एंड जॉनसन बेबी पाउडर का खूब इस्तेमाल किया जाता है। अधिकतर परिजन अपने बच्चों के लिए इस ब्रांडेड पाउडर का धड़ल्ले से उपयोग करते हैं। लेकिन इससे जुड़ी एक खबर आपको हैरान कर देगी। अमेरिका के मिसौरी में एक अदालत ने एक मामले में इस कंपनी पर 72 मिलियन का जुर्माना लगाया है। ये बताया जा रहा है कि इस पाउडर के इस्तेमाल से गर्भाशय कैंसर (ovarian cancer) का खतरा हो सकता है। पढ़ें: बेबी पाउडर से इन 5 ब्यूटी प्रॉब्लम्स को करें दूर
रिपोर्टों के अनुसार, एक 62 वर्षीय महिला, जैकलिन फॉक्स की अक्टूबर, 2015 में गर्भाशय के कैंसर से मौत हो गई। वह पिछले दो साल से अपना इलाज करा रही थी। रिपोर्ट के अनुसार, वो महिला फेमनिन हाइजीन के लिए पिछले 35 साल से जॉनसन एंड जॉनसन बेबी पाउडर और शावर टू शावर का इस्तेमाल कर रही थी।
इस कंपनी को इन उत्पादों के साइड इफेक्ट के बारे में पता होने के बावजूद जनता को केवल स्वास्थ्य फायदों के बारे में ही बताने का भी दोषी पाया गया है। लगातार तीन साल चले निगेटिव कैम्पेन के डर से कंपनी ने 2012 में इनग्रेडिएंट्स 1,4- डाइऑक्सेन और फॉरमेलडेहाइड को हटाने के लिए तैयार हो गई।
नमी को अवशोषित और सुधार लाने के लिए पाउडर का विभिन्न कॉस्मेटिक उत्पादों में इस्तेमाल किया जाता है। पाउडर स्वाभाविक रूप से खनिज है और मैग्नीशियम, सिलिकॉन, ऑक्सीजन और हाइड्रोजन से बना होता है। कई अध्ययनों के अनुसार, प्रिनेअल एरिया (perineal area) में पाउडर लगाने से गर्भाशय का कैंसर हो सकता है। जर्नल कैंसर में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, पाउडर कैंसरकारी तत्व (carcinogen) की तरह होता है, जिससे गर्भाशय का कैंसर हो सकता है। पाउडर का अत्यधिक इस्तेमाल एंडोमेट्रियल कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है।
पाउडर से केवल कैंसर का ही खतरा नहीं होता है बल्कि इससे विशेषकर बच्चों को सांस की बीमारियों का भी खतरा हो सकता है। निमोनिया इन बीमारियों में से एक है।
चित्र स्रोत - Shutterstock
संदर्भ: Muscat JE, Huncharek MS. Perineal Talc Use and Ovarian Cancer: A Critical Review. European journal of cancer prevention : the official journal of the European Cancer Prevention Organisation (ECP). 2008;17(2):139-146. doi:10.1097/CEJ.0b013e32811080ef.