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जब आपको त्वचा में किसी प्रकार की सूजन या इंफेक्शन होती है तो इलाज़ के तौर पर डॉक्टर आपको टॉपिकल स्टेरॉयड (topical steroids) की सलाह दे सकता है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि जब भी आपको त्वचा संबंधी कोई प्रॉब्लम हो आप कोई भी मरहम या स्टेरॉयड ऑइन्टमेंट (steroidal ointment) लगाना शुरू कर दें या बिना डॉक्टरी सलाह के एक नया खरीद लाएं। बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड ऑइन्टमेंट का इस्तेमाल करने से साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। जी हां, बाक़ी दवाइयों की तरह त्वचा के ऊपर लगाए जानेवाले मरहम के भी नुकसान हो सकते हैं। नेशनल स्किल सेंटर, नई दिल्ली के डायरेक्टर और डर्मटालजिस्ट डॉ. नवीन तनेजा यहां बता रहे हैं टॉपिकल स्टेरॉयड के साइड इफेक्ट्स के बारे में।
स्किन ऐट्रफी- यह टॉपिकल स्टेरॉयड का एक सबसे आम साइड-इफेक्ट है जो आमतौर पर उन लोगों मे देखा जाता है जो 3 – 14 दिन की ट्रीटमेंट करवाते हैं। स्किन ऐट्रफी में त्वचा की परतें (epidermis and dermis) पतली हो जाती हैं और सेल के आकार में भी बदलाव आने लगते हैं। टॉपिकल स्टेरॉयड्स का बहुत दिनों तक इस्तेमाल करने से त्वचा के प्रोटीन के मिश्रण और मेलनोसाइट्स(melanocytes) के गठन को बाधित करेगा और इससे डिपिगमेंटेशेन (depigmentation) होता है। धीरे-धीरे त्वचा पतली होने लगती है और चेहरे पर झुर्रियां दिखने लगती हैं। यह त्वचा को इतना पतला बना देता है कि त्वचा के भीतर मौजूद नसें और कोशिकाएं भी आसानी से दिखने लगती हैं।
बैक्टेरिया/ फंगल इंफेक्शन- जैसा कि स्टेरॉयड सूजन को ठीक करने के लिए आपके शरीर की रोगप्रतिरोधक शक्ति या इम्यून सिस्टम को दबा देता है, और इससे बैक्टेरिया इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही कनेक्टिव टिश्यूज़ को होनेवाले नुकसान के कारण त्वचा के पतले होने, कोशिकाओं (capillaries) के दिखने और लालिमा (erythema) के कारण बैक्टेरिया / फंगल इंफेक्शन की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। यह समस्या को गंभीर बनाने के साथ सेहत से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को बढ़ावा देने का काम करती हैं।
एलर्जी- अगर आपको टॉपिकल स्टेरॉयड या किसी मरहम से एलर्जी है तो इसकी वजह से हाइपर्सेन्सिटिविटी बढ़ सकती है जो आपके लिए परेशानी का ही सबब बनेगी। हालांकि यह बहुत ही कम मामलों में होता है लेकिन लंबे समय तक ऑइंटमेंट के इस्तेमाल से ऐसा हो सकता है। यह त्वचा में सूजन की क्रोनिक बीमारी या डर्मटाइटिस(dermatitis) के रुप में भी उभर सकता है जो ठीक नहीं होता। इसलिए अगर आपको डॉक्टर द्वारा बताए गए स्टेरॉयड को लगाने के बाद त्वचा में लालिमा या सूजन दिखे तो जल्द से जल्द किसी डॉक्टर से सम्पर्क करें।
हायपरत्रिकोसिस- कुछ मामलों में टॉपिकल स्टेरॉयड की वजह से हायपरत्रिकोसिस (Hypertrichosis) हो सकता है। इस समस्या में असामान्य तरीके से बालों का विकास होने लगते हैं। हालांकि इस समस्या का सही कारण पता नहीं चल सका है, लेकिन यह टॉपिकल क्रीम या मरहम में मौजूद कॉर्टिकोस्टेरॉयड (corticosteroids) हार्मोन्स की वजह से हो सकता है।
इसके साथ ही सूजन, लाली, फोड़े-फुंसी या खुजली जैसे परिणाम भी काफी देखे जाते हैं। अगर आपको इनमें से कोई एक भी लक्षण दिखे तो अपने डर्मटालजिस्ट से बात करें। अगर आप स्टेरॉयड का इस्तेमाल कर रहे हैं तो इन बातों पर देकर आप साइड-इफेक्ट्स के खतरे को कम कर सकते हैं।
1. इस बात का ध्यान रखें कि डॉक्टर ने जितना बताया हो आप टॉपिकल स्टेरॉयड का उतना ही इस्तेमाल करें। आप के लिए यह जानकारी होना भी काफी महत्वपूर्ण है कि लंबे समय तक ऑइंटमेंट के इस्तेमाल से होने वाले साइड इफेक्ट्स क्या हो सकते हैं।
2. बहुत से लोगों को यह नहीं पता कि हर व्यक्ति को डॉक्टर अलग-अलग मात्रा में दवा देता है। उसी तरह ऑइंटमेंट के इस्तेमाल की भी मात्रा तय की जाती है। इसकी मात्रा आपकी उम्र के आधार पर भी निर्धारित की जा सकती है।
3. कभी भी डॉक्टर की सलाह और राय-मशवरे के बगैर टॉपिकल स्टेरॉयड का इस्तेमाल न करें। इसी तरह बहुत से लोग डॉक्टर की बतायी अवधि से अधिक समय तक इसे लगाते हैं। ऐसा न करें।
4. टॉपिकल स्टेरॉयड की सलाह आमतौर पर एक्ज़िमा (eczema or dermatitis) के दौरान दी जाती है। इसलिए त्वचा की दूसरी समस्याओं में इनका इस्तेमाल करने से बचें। भले ही आपने पहले इंफेक्शन आदि होने पर किसी प्रकार के मरहम का इस्तेमाल किया हो, लेकिन खुद अपनी तरफ से इसका इस्तेमाल न करें।
5. साइड इफेक्ट्स की गंभीरता इस बात पर भी निर्भर करती है कि आप कितनी बार इन्हें लगाते हैं। इसलिए नुकसान से बचने के लिए इनका कम इस्तेमाल करें।
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अनुवादक -Sadhna Tiwari
चित्र स्रोत- Shutterstock