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तकिये पर सिर रखने से पहले, जानिये उससे जुड़ी ये 5 ज़रूरी बातें

क्या आप जानते हैं कि करवट होकर सोना पीठ के बल सोने की तुलना में ज्यादा फायदेमंद होता है?

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अनुवादक: Anoop Singh

सोते समय तकिये का इस्तेमाल तो अधिकांश लोग करते हैं लेकिन कई लोग ऐसे होते हैं जिन्हें बिना तकिये के नींद ही नहीं आती है वहीँ कुछ लोग बिना तकिया लगाये ही सो जाते हैं, तो क्या इसका मतलब यह है कि तकिया लगाना या न लगाना व्यक्ति की व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है? क्या अलग अलग लोगों के लिए अलग अलग तरह के तकिये होने चाहिए? अच्छी नींद के लिए कैसे तकियों का इस्तेमाल करना चाहिए? नींद और तकिये से जुड़ी इस तरह के तमाम सवालों के बारे में हमने मुंबई स्थित स्पेशलिटी इएनटी हॉस्पिटल के इएनटी सर्जन डॉ. विकास अग्रवाल से विस्तारपूर्वक बात की।

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सही तकिया क्यों ज़रूरी है: सोते समय सांसों के सही आवागमन के लिए हमारी गर्दन अपने आप ही थोड़ा खिंच जाती है जिससे हवा आसानी से पास होती रहती है। जबकि अगर आपने गलत रूप से तकिया लगाया हुआ है जो कि आपके गर्दन को सही रूप से सपोर्ट नहीं दे रहा है तो इससे आपको खर्राटे आने की समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए यह बहुत ज़रूरी है कि आप अपने लिए सही तकिया चुनें। तकिये को खरीदते समय इस बात का ध्यान रखें कि तकिया न ज्यादा मुलायम हो न ही ज्यादा कठोर, न ज्यादा मोटा हो ना ही ज्यादा पतला बल्कि वह एकदम सही साइज़ का होना चाहिए। अगर आप भी स्लीप एपनिया या खर्राटे जैसी समस्याओं से परेशान हैं तो इससे छुटकारा पाने के लिए बाज़ार से एंटी-स्नोरिंग तकिये को खरीदें। पढ़ें: अच्छी नींद के लिए अपनाएं ये 5 उपाय

सही तकिये का चुनाव कैसे करें: 

तकिये की चौड़ाई : डॉ अग्रवाल के अनुसार तकिये को चुनते समय इस बात का ध्यान रखें कि आपके कंधे जितने चौड़े हों उससे ज्यादा चौड़े साइज़ के आपके तकिये होने चाहिए। पुरुषों के कंधे महिलाओं की तुलना में ज्यादा बड़े होते हैं इसलिये पुरुषों को बड़े साइज़ के तकिये लगाने चाहिए। इससे कन्धों और सिर के बीच वाले हिस्से का जो गैप होता है वो तकिये द्वारा नियंत्रित हो जाता है जिससे आप सही पोजीशन में सो जाते हैं और आपको अच्छी नींद आती है।

तकिये की कठोरता : हमेशा ध्यान रखें की तकिया न ज्यादा मुलायम हो न ही ज्यादा कठोर हो बल्कि इनके बीच का हो। बहुत ज्यादा मुलायम तकिये से आपका सिर झुक सकता है जिससे गर्दन पर दवाब बढ़ जाता है और सोकर उठने पर आपको अगली सुबह गर्दन में तेज दर्द भी हो सकता है। इसी तरह ज्यादा कठोर तकिये का इस्तेमाल करने से आपके सिर पर दवाब बढ़ जाता है। इसीलिए तकिये को खरीदते समय उसकी कठोरता का ख़ास ध्यान रखें। पढ़ें: अच्छी नींद लेने और पीठ दर्द से बचने के लिए इन 2 पोजिशन में सोयें

तकिये का फैब्रिक : सिंथेटिक या नायलॉन की बजाय कॉटन से बनी हुई तकियों का ज्यादा इस्तेमाल करें। हालांकि डॉ. अग्रवाल के अनुसार कुछ लोगों को कॉटन के तकियों से भी एलर्जी की शिकायतें सुनने में आयी हैं। अगर आप भी उनमें से एक है तो कॉटन की बजाय फाइबर के तकियों का इस्तेमाल करें।

तकिये की मोटाई : अगर आपका तकिया ज्यादा मोटा है तो इससे आपकी गर्दन आगे की तरफ झुक जाती है जिससे आपकी ठोड़ी आपके सीने को छूने लगती है और ज्यादा मुड़ने से आपके गर्दन में दर्द होने लगता है और आपको स्लीप एपनिया और खर्राटे जैसी समस्याएं होने लगती हैं। और अगर आपका तकिया बहुत ज्यादा पतला है तो इससे हवा ठीक से पास नहीं हो पायेगी और इससे आपको सोने में काफी असुविधा होगी।

पीठ के बल सोना या करवट सोना – क्या है सही तरीका ?

डॉ अग्रवाल के अनुसार, करवट होकर सोना, पीठ के बल सोने की बजाय ज्यादा फायदेमंद होता है। अगर आप करवट लेकर सोते हैं तो आपकी गर्दन सीधी रहती है जिससे ऑक्सीजन का फ्लो और बेहतर हो जाता है। जबकि अगर आप पीठ के बल सोते हैं तो सोते समय आपकी जीभ पीछे की तरफ हो जाती है जिससे आपको खर्राटे आने लगते हैं। इसके अलावा करवट होकर सोने से एसिड रिफ्लक्स का खतरा कम रहता है जिससे आपका पाचन सही रहता है।

चित्र स्रोत: Shutterstock


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