कच्चे पपीते के इस चौंकाने वाले फायदे के बारे में जानें

कच्च‍ा पपीता आपके खाने को हजम करने में भी मदद करता है।

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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:36 AM IST

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अनुवादक: Mousumi Dutta

कई तरह के उपचार करने के बावजूद अगर आप कब्ज़ के परेशानी से निजात नहीं पा रहे हैं तो अपनी डायट में कच्चे पपीते को शामिल करके देखें। ये फल फाइबर और पानी से भरपूर होता है जो शरीर से अवांछित यानि वेस्ट प्रोडक्ट को निकालकर कोलोन को साफ करने में सहायता करता है। यहाँ तक कब्ज़की बीमारी पुरानी हो जाने पर आप बदहजमी और हार्टबर्न जैसे प्रॉबल्म से राहत दिलाने में ये मदद करेगा। नियमित रूप से पपीता खाने पर ये हजम शक्ति को बेहतर बनाने में मदद करता है।

चलिये जानते हैं कच्चा पपीता कैसे कब्ज़ से राहत दिलाता है

इसमें डाइजेस्टिव एन्जाइम्स होता है- पपीता में नैचुरल डाइजेस्टिव एन्जाइम पेपाइन होता है जो खाना को जल्दी हजम करने के साथ-साथ पेट से वेस्ट प्रॉडक्ट को बाहर निकालने में मदद करता है। ये कोलोन में अर्द्ध हजम हुए प्रोटीन को संग्रहित नहीं होने देता है।  कच्चे पपीते से पेपाइन को निकालकर सप्लीमेंट बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है जो हजम शक्ति को बेहतर बनाने में मदद करता है।

फाइबर से भरपूर होता है- पपीता में फाइबर भरपूर मात्रा में होता है जो कब्ज़ से लड़ने में मदद करता है जो कोलोन कैंसर को रोकने में मदद करता है। अगर कोई कब्ज़ के कारण गैस्ट्रोइन्टेसटिनल इंफेक्शन से कष्ट पा रहा है तो कच्चा पपीता सिर्फ दो दिन खाने से आपको आराम मिल जाएगा।

कच्चा पपीता को कैसे अपने डायट में शामिल करें

  • आप प्याज़ और टमाटर डालकर कच्चे पपीते की सब्ज़ी बना सकते हैं।

  • कच्चा पपीता को दूसरे सब्ज़ियों के साथ सलाद बनाकर खा सकते हैं।

  • कच्चा पपीता का दूध भी बना सकता है। कच्चे पपीते को धोकर छिलका छुड़ाकर ब्लेंडर में डालकर ब्लेंड कर लें। इसको छान लें और उसमें आधा नींबू का रस और स्वादानुसार नमक डालकर पी लें।

चित्र स्रोत:Shutterstock

संदर्भ

1. 1: Muss C, Mosgoeller W, Endler T. Papaya preparation (Caricol®) in digestive disorders. Neuro Endocrinol Lett. 2013;34(1):38-46. PubMed PMID: 23524622.


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