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अनुवादक – Shabnam Khan
कौन सोच सकता है कि अमूमन फायदेमंद माने जाने वाले विटामिन और मिनरल भी किसी को नुकसान पहुंचा सकते हैं? लेकिन सच ये है कि अगर इन्हें ज़रूरत से ज़्यादा मात्रा में लिया जाए तो ये नुकसान पहुंचा सकते हैं। विटामिन ई एक ऐसा ही विटामिन है। इस विटामिन के कई फायदे हैं, जिनमें खासतौर पर बालों और त्वचा के लिए हैं। लेकिन अगर इसे ज़्यादा मात्रा में ले लिया जाए तो बहुत गंभीर बीमारियां तक हो सकती हैं। (इसे भी पढ़ें - विटामिन ई की कमी के 4 लक्षण)
विटामिन ई ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद करता है यानि इस विटामिन में मौजूद ऑक्सीडेंट्स बॉडी सेल्स को फ्री रेडिकल के दुष्प्रभाव से बचाते हैं। ये इम्यूनिटी बेहतर करता है और दिल व लीवर को स्वस्थ रखता है। विटामिन ई खानपान में लिया जा सकता है या आसानी से उपलब्ध सप्लीमेंट्स के द्वारा। लेकिन अगर आप इसको ज़्यादा मात्रा ले लेते हैं तो आपके शरीर को इससे नुकसान पहुंच सकता है।
शरीर के अंदर की ब्लीडिंग बढ़ा सकता है
विटामिन ई में एंटीकोग्यूलेंट तत्व होते हैं और इससे आपके शरीर की खून जमने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। ये उन लोगों के लिए ज़्यादा खतरनाक हो सकती है जिसे खून पतला करने के लिए साथ-साथ विटामिन ई सप्लीमेंट लेने की भी सलाह दी जाती है। इससे इंटरनल ब्लीडिंग शुरू हो सकती है।
स्ट्रोक का जोखिम
इसी कारण से, मस्तिष्क में रक्तस्राव भी हो सकता है। जिससे स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
असमय मृत्यु
वैसे अकेले विटामिन ई की वजह से असमय मृत्यु तो नहीं होती। लेकिन बीमारियों से बचाव के लिए लिए जाने वाले अन्य ऑक्सीडेंट्स के साथ मिलकर ये मृत्यु जोखिम बढ़ा सकता है।
प्रोस्टेट कैंसर
फिनलैंड में हुआ एक अध्ययन बताता है कि विटामिन ई सप्लीमेंट और बीटा-कैरोटीन के साथ जब धूम्रपान करने वालों को फेफड़ों के कैंसर से बचाव के लिए दिया जाता है तो उनमें इससे प्रोस्टेट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। अन्य शोध में भी ये संकेत मिले हैं कि अत्यधिक विटामिन ई की मात्रा स्वस्थ पुरूषों में प्रोस्टेट कैंसर का खतरा बढ़ा देती है।
चित्र स्रोत – Shutterstock
संदर्भ:
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