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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:36 AM IST
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अनुवादक – Shabnam Khan
जब समस्या डायबिटीज़ की हो तो आपको अपने खानपान पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। अपने खाने में आप कुछ ऐसी चीज़ों को शामिल कर सकते हैं जो शरीर में ग्लूकोज़ लेवल को सही लेवल पर रखते हैं। और ऐसी ही एक आसानी से उपलब्ध होने वाली चीज़ है तेज पत्ता। लगभग हर किचन में ये मसाला पाया जाता है। ये मसाला न सिर्फ ब्लड ग्लूकोज़ कंट्रोल करने में मदद करता है बल्कि लिपिड प्रोफाइल को भी कंट्रोल में रखता है।
ऐसे करता है तेज पत्ता मदद
क्लिनिकल बायो केमेस्ट्री एंड न्यूट्रीशन जर्नल में प्रकाशिक एक अध्ययन के अनुसार, टाइप 2 डायबिटीज़ से पीड़ित लोगों द्वारा 30 दिन तक तेज पत्ता लेने से इंसुलिन बेहतर तरीके से काम करने लगता है। तेज पत्ते का हाइपोग्लाइसेमिक प्रभाव एसेंशियल ऑयल और फाइटोकेमिकल्स की मौजूदगी को बनाए रखता है जिससे कि ग्लूकोज़ और इंसूलिन मेटाबॉलिज़्म बेहतर होता है। साथ ही, इन पत्तों के सक्रिय तत्व पोलिफेनोल होता है जो इंसुलिन की शक्ति प्रदान करने वाली गतिविधियों पर ज़ोर लगाता है, जिससे कि ग्लूकोज़ कंट्रोल करने में मदद मिलती है। (इसे भी पढ़ें - तेजपत्ता के 9 फायदे जानें)
सिर्फ इतना ही नहीं, तेज पत्ते कुल 26% कॉलेस्ट्रॉल भी घटाते हैं जिनमें एल़ीएल कॉलेस्ट्रॉल और ट्राईग्लाइसेराइड्स भी शामिल होता है। इसके अलावा एचडीएल कॉलेस्ट्रॉल 20% बढ़ता है।
कैसे करें इस्तेमाल
बेहतर परिणामों के लिए सलाह दी जाती है कि डायट में तेज पत्तों के साथ-साथ उचित खानपान का ख्याल रखा जाए और साथ में एंटी-डायबिटिक मेडिकेशन लिया जाए। अध्ययन में 30 दिन तक रोज़ 1-3 ग्राम तेज पच्चे का सेवन करने की बात कही गई है जिससे कि टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीज़ों में ग्लूकोज़ और लिपिड प्रोफाइल बेहतर होता है, और डायबिटीज़ से जुड़े खतरे कम होते हैं। आप अपने सूप और रोज़मर्रा की सब्ज़ी में इन पत्तों को डाल सकते हैं। इसके पाउडर को भी खाने में मिला सकते हैं।
चित्र स्रोत – Shutterstock
संदर्भ:-
Khan, A., Zaman, G., & Anderson, R. A. (2009). Bay Leaves Improve Glucose and Lipid Profile of People with Type 2 Diabetes. Journal of Clinical Biochemistry and Nutrition, 44(1), 52–56. doi:10.3164/jcbn.08-188