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क्यों रोज़ डियोडरेंट का इस्तेमाल आपके लिए खतरनाक हो सकता है?

अगर आप नया डियोडरेंट खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो पहले इस बारे में जान लें।

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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:22 AM IST

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अनुवादक: Mousumi Dutta

ऐसा कौन है जो गर्मी हो या सर्दी का मौसम घर से बाहर निकलने से पहले डिरोडरेंट नहीं लगाता है। लेकिन इसको लगाने से पहले आपने कभी ये सोचा है कि ये आपके स्किन और हेल्थ दोनों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। ज्यादातर डियोडरेंट और एन्टीपर्सपिरेंट्स (deodorants and antiperspirants) जो मार्केट में पाये जाते हैं उनमें केमिकल और टॉक्सिक भरे हुए रहते हैं। इनको लगातार लगाते रहने से स्किन केमिकल सोख लेते हैं जो हेल्थ ईशु का कारण बन सकते हैं। यहां कुछ ऐसे कॉमन हेल्थ प्रॉबल्म के बारे में चर्चा की जायेगी जिनका संबंध डियोडरेंट और एन्टीपर्सपिरेंट से होती है।

स्किन रेशैज़ निकल सकते हैं- आम तौर पर डियोडरेंट में प्रोपाईलीन ग्लाईकोल नामक यौगिक होता है जो स्किन में रैशेज़ होने के कारण बन सकते हैं। इस यौगिक में न्यूरोटॉक्सिन होता है जो सेंट्रल नर्वस सिस्टेम को प्रभावित करता है। इसलिए थोड़ा संभलकर इसका इस्तेमाल करें।

अल्ज़ाइमर डिज़ीज होने के संभावना को बढ़ाता है- एन्टीपर्सपिरेंट्स में अल्युमिनियम नाम का एक यौगिक होता है जो डिमेन्शिया, अल्ज़ाइमर और अस्थमा के खतरे को दस्तक दे सकता है।

हार्मोनल इम्बैंलस का कारण बन सकता है- ज्यादातर डियोडरेंट में पैराबेन नाम का प्रिज़र्वटिव होता है जिससे अनियमित पीरियड और समय से पहले बढ़ते उम्र के लक्षण शुरू हो सकते हैं।

स्वेट ग्लैंड को ब्लॉक भी कर सकता है- शायद आपको ये नहीं पता है कि जिस पसीने के महक से बचने के लिए आप डियोडरेंट लगाते हैं वह स्वेट ग्लैंड को बंद करके शरीर से टॉक्सिन्स को निकलने से रोक सकते हैं। और जब शरीर में टॉक्सिन्स की मात्रा बढ़ जायेगी तो वह कैंसर डिज़ीज होने का कारण बन सकता है।

तो अगर डियोडरेंट लगाने से इन बीमारियों के होने की संभावना इतनी बढ़ जाती है तो क्यों नहीं नैचुरल, केमिकल फ्री विकल्प के बारे में सोचते हैं।

चित्र स्रोत-  Shutterstock