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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:41 AM IST
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अनुवादक: Anoop Singh
हल्दी से मिलने वाले फायदों से हम सभी भलीभांति परिचित हैं लेकिन आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि आज कल बाज़ार में हल्दी की गोलियां भी मिलती हैं। ये दवाइयां आज कल पूरे विश्व में बहुत ज्यादा प्रचलित हैं और इसे टर्मरिक सप्लीमेंट के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। भारतीय बाज़ार में भी यह हल्दी की गोलियां उपलब्ध हैं और आप इसे ऑनलाइन भी मंगा सकते हैं। इसे कर्कुमिन सप्लीमेंट के रूप में जाना जाता है। हालांकि भारतीय लोगों को आयरन या कैल्शियम सप्लीमेंट की तरह इस हल्दी सप्लीमेंट को लेने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि अधिकतर भारतीय व्यंजनों में हल्दी पाउडर या कच्ची हल्दी का इस्तेमाल किया जाता है जिससे आपको ज़रूरी हल्दी की मात्रा आसानी से मिल जाती है।
न्यूट्रीशिनिस्ट डॉ. तेजेंदर कौर सरना बताती हैं कि भारतीय व्यंजनों में या तो कच्ची हल्दी का प्रयोग किया जाता है या फिर हल्दी पाउडर का, इसलिए भारतीय लोगों को हल्दी को दवा के रूप में लेने की कोई ज़रूरत नहीं है। हल्दी में कर्कुमिन नामक यौगिक पाया जाता है जिसकी एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी क्षमताओं के कारण ही हल्दी इतनी ज्यादा फायदेमंद होती है। भारत में लोग हल्दी का उपयोग सब्जी बनाने में, पराठे में और दूध में मिलाकर भी करते हैं। दूध में हल्दी मिलकर पीना दर्द को दूर करने का बहुत पुराना घरेलू नुस्खा है।
डॉ. कौर कहती हैं कि अगर आप यह जानना चाहते हैं कि एक दिन में हल्दी की कितनी मात्रा उपयोग में लानी चाहिये तो यह बताना थोड़ा मुश्किल है। चूंकि हल्दी की तासीर गर्म होती है इसलिए यह अलग अलग व्यक्ति पर निर्भर करता है की उसके उसे कितनी हल्दी खानी चाहिये। वैसे देखा जाए तो आमतौर पर डिशेज में एक या दो चम्मच हल्दी मिलाना उपयुक्त माना जाता है और इतने से ही आपको इससे मिलने वाले सारे फायदे मिल जाते हैं। वैसे तो पूरे उत्तर भारत में खाने में हल्दी का उपयोग किया जाता है खासतौर पर पंजाब और राजस्थान की अधिकतर कई मशहूर डिशेज में इसका भरपूर उपयोग होता है।
चित्र स्रोत: Shutterstock