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कान साफ़ करने का यह तरीका हो सकता है खतरनाक

क्या आपको पता है कि किसी नुकीली चीज से कान को साफ़ करने से आपके कान के परदे में छेद भी हो सकता है ?

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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:29 AM IST

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अनुवादक: Anoop SIngh

कान आपके शरीर के सबसे संवेदनशील अंगों में से एक है और हमें इसकी अच्छे से देखभाल करनी चाहिये लेकिन अधिकतर लोगों में यह देखा गया है कि उन्हें अपने कान को बार-बार साफ़ करने की आदत होती है। कुछ मामलों में कई वयस्कों में यह देखा गया है कि वे कान से वैक्स निकालते वक्त  कान को नुकसान पहुँचा देते हैं। मुंबई स्थित बीएसइएस हॉस्पिटल के इएनटी(ENT) स्पेशलिस्ट डॉ राजेश वलंद कहते हैं कि, सबसे सही तरीका है कि आप कान के वैक्स को साफ़ करने की कोशिश ही न करें, हालांकि कई लोगों को ईयर बड्स इस्तेमाल करने की आदत होती है जबकि ईएनटी स्पेशलिस्ट बताते हैं कि घर पर खुद से कान का वैक्स साफ़ करने से बाद में इसके कई दुष्प्रभाव झेलने पड़ते हैं। डॉ. वलंद यहाँ कुछ ऐसे ही रोचक चीजों के बारे में बता रहे हैं जो उन्होंने अपने मरीजों के कान से इलाज के दौरान निकालें।

  • ईयर बड्स का कॉटन

  • पेंसिल की नोक

  • बालों में लगाने वाली पिन

  • पेपरक्लिप्स

  • फोन का स्टाइलस

लोगों को यह बात ध्यान रखनी चाहिये कि कभी भी ईयर बड्स का इस्तेमाल कान के वैक्स को निकालने के लिये नहीं करना चाहिये। आप कभी भी किसी उच्च गुणवत्ता वाले ईयर बड्स के पैकेट के पीछे लिखे निर्देश को पढेंगे तो वहां कहीं भी यह लिखा नहीं मिलेगा कि यह कान के वैक्स को साफ़ करने के लिये बना है। इसका मुख्य काम होता है कि अगर नहाने या तैरने के दौरान आपके कान में पानी चला जाये तो ईयर बड्स उस पानी को सोख लेता है। डॉ वलंद बताते हैं कि ईयर बड्स के इस्तेमाल से आप वैक्स को और अन्दर धकेल देते हैं जिससे यह अन्दर फंस जाता है और इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है और कुछ मामलों में अगर कान के परदे में छेद हो गया तो इससे आपको बहुत तेज दर्द भी हो सकता है। ईयर बड्स के अलावा कुछ लोग स्टेशनरी चीजों को भी कान साफ़ करने के लिये प्रयोग करते हैं। वे बताते हैं कि उन्होंने कई उम्रदराज मरीजों के कान से पेंसिल की नोक या टूटी पेंसिल ,पेन का कोई भाग आदि ऐसी ही कई चीजें इलाज के दौरान निकाली हैं। ऐसे किसी भी नुकीली चीज का प्रयोग आपके कान के परदे में छेद कर सकता है।

हालांकि हममें से कई लोगो को यह बहुत अजीब लग सकता है कि बड़े लोग भी अपने कान में ये चीजें डाल लेते हैं लेकिन डॉक्टर्स कहते हैं कि उन्हें ओपीडी में रोजाना ही ऐसे कई मरीज मिलते हैं और वे उन्हें हमेशा सलाह देते हैं कि आगे से ऐसा न करें। ईयर वैक्स दो तरह के होते हैं – सूखा और चिपचिपा (Greasy)। जिन लोगो के कान में सूखा वैक्स होता है उन्हें साफ़ करने की कोई ज़रूरत ही नहीं है क्योंकि ये अपने आप ही बाहर निकल जाते हैं। डॉ वलंद बताते हैं कि अगर वे 50 मरीजों को चेक करते हैं तो उनमे से कम से कम लगभग 46 लोगों के कान में ड्राई वैक्स होता है। अगर आपके कान में चिपचिपा वैक्स बनता है तो आपको हर 6 महीने में किसी डॉक्टर के क्लिनिक पर जाकर इसे साफ़ करा लेना चाहिये।

हालांकि आपको खुद से कान के वैक्स को साफ़ करना किसी डॉक्टर की क्लिनिक में जाकर साफ़ करवाने की तुलना में बहुत आसान काम लगता है लेकिन सही तरीका यही है। अगर आप अपने कान की डीप क्लीनिंग करवाना चाहते हैं तो आप डॉक्टर के पास जाइये वे आपको पेरोक्साइड और पानी का एक इंजेक्शन देकर इसे आसानी से साफ़ कर देंगे और इस प्रक्रिया में बिलकुल भी दर्द नहीं होता है।

चित्र स्रोत: Shutterstock