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अनुवादक: Anoop Singh
हम सब यह अच्छी तरह जानते हैं कि शहद हमारे शरीर के लिये बहुत ज्यादा फायदेमंद होता है। आजकल बाज़ार में वैसे भी शहद के कई ब्रांड्स मिलते हैं और जब लोग खरीदने जाते हैं तो वे असली और मिलावटी शहद में पहचान नहीं कर पाते हैं। इसलिए हम यहाँ कुछ ऐसे तरीके बता रहे हैं जिनकी मदद से आप इन दोनों में आसानी से असली शहद पहचान लेंगे।
शहद के बारे में ज़रूरी जानकारी :
शहद मधुमक्खियों द्वारा फूलों से इक्कठे किये हुए रस से बनता है। यह रस पहले छत्ते में लाकर इकठ्ठा किया जाता है फिर मधुमक्खियों द्वारा इसकी तीन चरणों में पूरी तरह प्रोसेसिंग की जाती है। पहले चरण में इसमें ऐसे एंजाइम डाले जाते हैं जो इसे मोटा बनाने और जमाने में मदद करते हैं। इसके बाद दूसरे चरण में यह और मोटा हो जाता है और शहद में परिवर्तित हो जाता है। फिर तीसरे और आखिरी चरण में उस रस में से पानी की मात्रा को बिलकुल अलग कर दिया जाता है इस प्रक्रिया में शहद में उपस्थित लगभग 80% पानी निकाल लिया जाता है। इसी कारण से शहद इतना गाढ़ा सुनहरे रंग का मिश्रण बन जाता है। यह शहद को छत्ते से निकालने का सबसे सही समय होता है, अगर इससे पहले शहद को निकाला गया तो वह काफी पतला होता है।
असली और नकली शहद में पहचान कैसे करें:
टेस्ट 1 - क्रिस्टलीकरण टेस्ट : प्रोसेसिंग के तीसरे चरण के दौरान, मधुमक्खियाँ इस शहद में ऐसे एंजाइम डालती हैं जिससे उसमें से लगातार पानी अलग होता रहता है। इसलिए जब भी आप शहद को किसी बोतल में रखते हैं वह और गाढ़ा होकर बोतल की तली में जाकर चिपक जाती है। एंजाइम के लगातार काम करते रहने के कारण, असली शहद जब भी स्टोर किया जाता है वो और गाढ़ा हो जाता है। जबकि नकली या मिलावटी शहद के साथ ऐसा नहीं होता है। इस तरह से आप इन दोनों के बीच आसानी से पहचान कर सकते हैं।
टेस्ट 2 - पानी से पहचानें : असली शहद की यह खूबी होती है कि वह आसानी से पानी में नहीं घुलती है। इसलिए जब आप शहद को पानी में डालते हैं तो वह नीचे जाकर तली में बैठ जाती है उसे मिलाने के लिये काफी देर तक आपको उसे चम्मच से हिलाना पड़ता है। जबकि अगर शहद नकली है तो वह पानी से आसानी से घुल जाती है। यह असली और नकली शहद के पहचान का सबसे आसान तरीका होता है।
टेस्ट 3 - पेपर टेस्ट : कागज़ की शीट पर शहद की कुछ बूँदें डालें और कुछ देर के लिये छोड़ दें। अगर शहद असली होगा तो उसमें बिलकुल भी नमी न होने के कारण वह कागज़ को गीला नहीं करेगा। वहीँ दूसरी तरफ नकली या मिलावटी शहद कागज को गीला कर देगा और नीचे गिर जायेगा।
टेस्ट 4 - ऊँगली की मदद से पहचान : यह टेस्ट काफी हद तक आप पर निर्भर करता है कि आप वैसा महसूस कर पा रहे हैं या नहीं। थोड़ा सा शहद लें और इसे अपने अंगूठे और इंडेक्स फिंगर के बीच में रगड़ें। कुछ देर ऐसा करने पर आपको यह एहसास होगा कि शहद की कुछ मात्रा आपके स्किन द्वारा सोख ली गयी है और बचा हुआ शहद आपकी उँगलियों को चिपचिपा नहीं करता। जबकि अगर नकली शहद है तो इसमें शुगर होने के कारण जब आप इन्हें अपनी उँगलियों के बीच में रगड़ेंगे तो पायेंगे कि आपकी उंगलियों में चिपचिपापन है।
इसलिए आगे से जब भी आप बाज़ार से शहद खरीद के लायें तो एक बार इन तरीकों से चेक ज़रूर कर लें कि वो असली है या मिलावटी।
चित्र स्रोत : Shutterstock