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अनुवादक – Shabnam Khan
पेट की समस्याओं से आपकी पूरी जीवनशैली प्रभावित होती है। इरिटेबल बोवेल सिंड्रोम (आईबीएस) एक ऐसी ही बीमारी है जो न सिर्फ आपके शारारिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है बल्कि इसकी वजह से डिप्रेशन तक हो जाता है। लेकिन पेट दर्द, मरोड़ और कब्ज़ या दस्त जैसे एकाधिक लक्षणों का कोई विशेष उपचार नहीं है। क्योंकि ये समस्या जीवनशैली से ही जुड़ी हुई होती हैं, इसलिए इरिटेबल बोवेल सिंड्रोम से बचने के लिए आपका खानपान बड़ी भूमिका निभा सकता है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आपको बेस्वाद और फीका खाना ज़बरदस्ती खाना पड़ेगा। इसके लिए बस एक फल ही काफी है। (इसे भी पढ़ें - किवी खाकर अस्थमा का करें इलाज)
शोधकर्ताओं मे पाया है कि एक दिन में दो किवी खाने से आईबीएस से पीड़ित वयस्कों को लाभ मिलता है।साल 2010 में एशिया पैसिफिक जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रीशन में प्रकाशित एक अध्ययन, जिसे दो ताइवानी शोधकर्ताओं ने किया था, में ये बताया गया कि चार सप्ताह तक किवी खाने से आईबीएस और कब्ज़ के मरीज़ों को राहत मिलती है। आपको बता दें, कि एक किवी में 1.7 ग्राम फाइबर होता है। और कब्ज़ के मरीज़ों के लिए फाइबर बहुत ज़रूरी होता है।
इस अध्ययन में 54 आईबीएस मरीज़ों ने हिस्सा लिया था। उनमें से 41 मरीज़ों ने चार हफ्तों तक किवी फल खाया, और बाकियों को प्लेसेबो पिल (placebo pill) दी गई थी। इसके बाद शोधकर्ताओं ने पाया कि सभी मरीज़ों में बोवेल फंक्शन बेहतर होने लगे। सभी पहले से ज्यादा बार मलत्याग करने लगे जो प्रमाण था इस बात का कि पाचन क्रिया बेहतर हो रही है।
चित्र स्रोत – Shutterstock
संदर्भ:
[1] Asia Pac J Clin Nutr. 2010;19(4):451-7. Kiwifruit improves bowel function in patients with irritable bowel syndrome with constipation. Chang CC(1), Lin YT, Lu YT, Liu YS, Liu JF.