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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:43 AM IST
भारत में डायबिटीज किसी महामारी की तरह फ़ैल रहा है। लगभग 65 करोड़ लोगों को यह समस्या है। जिनमें बच्चे और पढ़ने-लिखने वाले और नौकरी पेशा युवा भी शामिल हैं। 2015 में लगभग 40 करोड़ वयस्कों को डायबिटीज़ से पीड़ित पाया गया और इंटरनेशनल डायबिटीज़ फेडरेशन के अनुसार यह संख्या 2040 तक 64 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। डायबिटीज़ न केवल आपकी सेहत पर असर डालता है बल्कि यह आपकी नज़र के लिए भी ख़तरनाक हो सकता है।
जानकारी का अभाव, जांच में देर और डायबिटीज़ का ग़लत तरीके से मैनेजमेंट और मेडिकल इलाज की बजाय घरेलू उपायों अपनाने की वजह से अक्सर नज़र कमज़ोर होने जैसी समस्याएं होने लगती है। क्या डाइबिटीक आम खा सकते हैं?
आप्थमालजिस्ट डॉ. सौरभ सिंह (आईटेक विज़न सेंटर) ने बताया कि बहुत कम लोगों को जानकारी है कि डायबिटीज़ की वजह से नज़र खत्म हो सकती है या व्यक्ति पूरी तरह अंधा हो सकता है। डायबिटीक रेटिनोपैथी (Diabetic Retinopathy), डायबिटीक मैक्यूलर इडिमा (Diabetic Macular Edema), मोतियाबिंद या कैट्रैक्ट(cataract) और ग्लूकोमा (glaucoma) जैसी स्वास्थ समस्याओं की वजह भी डायबिटीज़ हो सकता है।
1. आपको डायबिटीक रेटिनोपैथी हो सकती है- यह डायबिटीज़ की वजह से होनेवाली सबसे आम स्वास्थ समस्या है। यह आंखों पर असर करती है और कामकाजी युवाओं में अंधेपन का सबसे बड़ा कारण है। यह समस्या रेटिना की रक्त कोशिकाओं में बदलाव की वजह बनता है जिसके बाद खून बहने, फ्लूड की लीकेज और धुंधलापन जैसी परेशानी शुरु होती है। इस समस्या का तब तक पता नहीं चलता जब तक कि नज़र कमज़ोर नहीं होने लगती। डायबिटीक रेटिनोपैथी (Diabetic Retinopathy) या डीआर 20–74 वर्ष की आयुवाले लोगों में होनेवाली सबसे आम समस्या है। डायबिटीक रेटिनोपैथी 3 प्रकार की हो सकती है -
- बैकग्राउंड डायबिटीक रेटिनोपैथी –भले ही यह आपकी आंखों पर कोई असर नहीं करती लेकिन आपको नियमित रुप से आंखों की जांच कराते हुए इस समस्या की सही स्थिति का पता लगाते रहना चाहिए।
- फ्रॉलिफरेटिव डायबिटीक रेटिनोपैथी – रेटिना और उसके आसपास की रक्त धमनियों से रक्त बहने के कारण आपकी नज़र पर असर पड़ सकता है।
- डायबिटीक मैक्यूलोपैथी- यह आपकी नज़र को धुंधली कर सकती है जो बहुत छोटे अक्षर या विवरण देखने के लिए आवश्यक है।
2. डायबिटीक मैक्यूलर इडिमा (DME) का ख़तरा- डायबिटीक रेटिनोपैथी के बाद डायबिटीक मैक्यूलर इडिमा हो सकता है। अगर इसका इलाज़ नहीं किया जाता तो यह आंखों पर दबाव बनाने का काम करता है जिससे रेटिना के अंदर धब्बे दिखने लगते हैं। डीएमई के लक्षण हैं धुंधली नज़र, आंखों के सामने की चीज़ें तैरती हुई दिखने, चीज़ें दो-दो दिखना। जो आगे चलकर अंधेपन में तब्दील हो सकते हैं।
डीएमई दो प्रकार के होते हैं-
- फोकल डीएमई- यह रक्त धमनियों में गड़बड़यों की वजह से होता है।
- डिफ्यूज़ डीएमई- यह कारण रेटिना केशिकाओं में सूजन के कारण होता है।
3. मोतियाबिंद का ख़तरा- मोतियाबिंद या कैट्रैक्ट डायबिटीज़ से पीड़ित लोगों को कम उम्र मे ही दिखायी देने लगता है। जो आंखों के लेंस की पारदर्शिता कम होने के कारण होती है। मोतियाबिंद या कैट्रैक्ट लेंस में ग्लूकोज़ की बढ़ी हुई मात्रा और सूजन के कारण होता है।
डायबिटीक व्यक्ति को होनेवाली परेशानियां-
- सबकैप्सूलर कैट्रैक्ट- यह समस्या लेंस के पिछले हिस्से में उत्पन्न हो सकती है।
- न्यूक्लियर कैट्रैक्ट- यह उम्र बढ़ने से संबंधित है और न्यूक्लियस (लेंस के मध्यभाग) में आरंभ किया गया है।
- कॉर्टिअल कैट्रैक्ट- परिधि से शुरू होने वाला, कॉर्टिअल मोतियाबिंद लेंस के मध्य भाग को प्रभावित करता है।
4. ग्लूकोमा का ख़तरा- यह समस्या आपकी आंखों के ऑप्टिक तंत्रिका को प्रभावित करता है जो छवियों को मस्तिष्क तक पहुंचाता है। ग्लूकोमा आमतौर पर आंखों के अंदर बनने वाले दबाव के कारण होता है। गंभीर मामलों में नज़र पूरी तरह ख़त्म हो सकती है। धुंधली नज़र, आंखों में दर्द, सरदर्द, मतली, तेज़ रोशनी में आंखों के सामने इंद्रधनुष दिखने जैसी समस्याएं ग्लूकोमा के लक्षण हैं जिन्हें नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।
इसलिए डॉ. सिंह डायबिटीज़ के कारण अंधेपन से बचने के लिए कुछ टिप्स दे रहे हैं-
जल्द जांच कराने और समस्या का पता लगने, सही समय पर इलाज और नियमित फॉलो-अप की मदद से डायबिटीज से पीड़ित लोगों को अंधेपन से बचाने में मदद करता है-
- अपने खून में ग्लूकोज़ का स्तर और नियमित रुप से दवाओं का सेवन करें।
- फ़िज़िकली एक्टिव लाइफ जिएं और अपना ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने की कोशिश करें।
- एक हेल्दी डायट से आप डायबिटीज़ की वजह से होनेवाले नज़र की समस्याओं से बचा जा सकता है।
- आंखों की पूरी तरह से जांच कराएं, विशेषकर साल में एक व्यापक जांच ज़रूर कराएं।
- शरीर का आदर्श वज़न मेटेंन करें।
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अनुवादक -Sadhna Tiwari
चित्र स्रोत- Shutterstock