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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:29 AM IST
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अनुवादक – Shabnam Khan
मोटापा आपकी सेहत के लिए काफी बुरा होता है। ये न सिर्फ आपके शरीर के अंगों, ख़ासतौर पर दिल के काम करने की क्षमता पर असर डालता है बल्कि आपके जोड़ों के लिए भी बहुत ख़राब है। आपकी कमर इस तरह के नुकसान के लिए काफी संवेदनशील होती है। आपके पूरे शरीर का फैट इतना नुकसानदायक नहीं बोता जितना बैली फैट यानी पेट का फैट होता है।आपका बैली फैट आपकी स्पाइन पर काफी दबाव बना देता है, जिससे उसको नुकसान पहुंचने लगता है। जब तक आपके पेट पर फैट रहेगा, कमर का दर्द बना रहेगा। हमने क्यूआई स्पाइन क्लिनिक की सीनियर स्पाइन स्पेशलिस्ट डॉक्टर नेहा नरूला से इस बारे में बातचीत की। आइये जानें उनका क्या कहना है:
बैली फैट किसी की स्पाइन पर असर कैसे डालता है?
मोटापे के कारण आप आम गतिविधियां नहीं कर पाते जिससे मसल्स कमज़ोर होती हैं और उनमें दर्द व परेशानी होती है। बैली फैट स्पाइन को उस तरफ झुकाता है जो अप्राकृतिक है।इससे जो समस्या होती है उसे लोर्डोसिस (lordosis) कहा जाता है। इसकी वजह से आपकी कमर की मांसपेशियों को अधिक कार्य करना पड़ता है, इस दौरान उसमें अकड़न और तनाव भी महसूस होता है। साथ ही साथ, आपके शरीर के सामने की हिस्से की मांसपेशियां भी कमज़ोर हो जाती हैं। इससे आपका पॉश्चर काफी प्रभावित होता है। आपका वज़न पैरों की उंगलियों पर ज्यादा पड़ेगा एड़ियों पर कम। (कमर दूर करने के 4 नैचुरल तरीके जानें)
बैली फैट कम करने के लिए क्या करें?
बैली फैट को कम करना सबसे मुश्किल काम है। इसलिए वहां की मांसपेशियों को मज़बूत करना ज़रूरी है। ये प्रेगनेंसी के बाद की एक आम समस्या भी है।आप इस समस्या से बचने के लिए ये टिप्स अपना सकते हैं:
चित्र स्रोत - Shutterstock