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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:35 AM IST
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अनुवादक: Anoop Singh
वाटर रिटेंशन (water retention) के कारण हमे आगे चलकर कई तरह की स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अधिक मात्रा में नमक का सेवन और कम पानी पीना ही वाटर रिटेंशन का मुख्य कारण है। कम मात्रा में नमक का सेवन इससे बचने का सबसे आसान उपाय है। वैसे शरीर में पानी जमा हो जाना या वाटर रिटेंशन से बचने के लिए कई तरह के घरेलू उपाय भी हैं। ऐसे खाद्य पदार्थ जिसमें पोटैशियम की मात्रा अधिक होती है वे वाटर रिटेंशन से बचाने में मदद करते हैं। जौ एक ऐसा ही खाद्य पदार्थ है जो डायबिटीज और वेट लॉस में तो मदद करता है साथ ही यह वाटर रिटेंशन से बचाने में भी मददगार है। दिल्ली स्थित डाईबेटा केयर (Diabeta Care) के चीफ न्यूट्रीशिनिस्ट तारा मुरली यहाँ बता रहे हैं कि जौ किस तरह से वाटर रिटेंशन से बचाने में मददगार है।
जौ कैसे मदद करती है : जौ माइल्ड डाइयुरेटिक(mild diuretic) की तरह काम करती है, इसके सेवन से आपको जल्दी जल्दी मूत्र विसर्जन करना पड़ता है जिससे शरीर के टॉक्सिन आसानी से बाहर निकल जाते हैं। किडनी स्टोन से बचने के लिए लोगों को नींबू और जौ का पानी पीने की सलाह दी जाती है। जौ में मैग्नीशियम भी अधिक मात्रा में मिलता है जिससे ये किडनी में स्टोन होने से रोकते हैं और टॉक्सिन को बाहर निकालने में भी मदद करते हैं। आयुर्वेद में बताया गया है कि जौ का पानी इडिमा(Edema) जैसी बीमारियों से बचाने में भी मददगार है।
जौ के पानी का कैसे इस्तेमाल करें : 3-4 कप पानी में जौ को 15 से 20 मिनट तक उबालें। फिर इसे छानकर ठंडा होने दें। आप इस पानी का स्वाद बढ़ाने के लिये इसमें नींबू का रस या संतरे का रस भी मिला सकते हैं। साधारण पानी की बजाय आप इस जौ के पानी का रोजाना इस्तेमाल करें। आप रात भर जौ को पानी में भिगोकर अगले दिन उस पानी को दिन में दो बार पियें। यह आपके स्वास्थ्य के लिये बहुत फायदेमंद है।
चित्र स्रोत : Shutterstock