hamburger icon
A
Read in English

लीवर को किस तरह ख़राब करता है अल्कोहल, जानें!

कहीं आप भी ज़रूरत से ज्यादा ड्रिंक तो नही करते ?

WrittenBy

Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:12 AM IST

Read this in English

आपकी दादी माँ से लेकर आपके डॉक्टर तक सबने आपको समझाया होगा की अल्कोहल आपके लीवर के लिए सही नही है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे क्या कारण है? आपको अपने लीवर के बारे में थोड़ी बहुत समझ होनी ही चाहिए। लीवर आपके शरीर का इतना ज़रूरी अंग है की कोई दूसरा अंग इसकी जगह नही ले सकता ना ही इतने काम कर सकता है। इसका मुख्य काम आपके फ़ूड में से पोषक तत्वों और टॉक्सिन को प्रोसेस करना होता है। हमारे शरीर को सही तरीके से चलाने के लिए ज़रूरी ग्लूकोज भी लीवर ही देता है। तो अब आप समझ गये होंगे की लीवर  शरीर का कितना ज़रूरी अंग है।

आज के समय में तरह-तरह की जीवनशैली, हमारे लीवर डैमेज के लिए ज़िम्मेदार हैं लेकिन सबसे मुख्य कारण अधिक मात्रा में अल्कोहल का सेवन है। जब भी आप अल्कोहल लेते हैं तो आपका लीवर अपने बाकी सारे ज़रूरी काम छोड़कर, सिर्फ अल्कोहल को टॉक्सिक फॉर्म में बदलने में लग जाता है। लीवर द्वारा अल्कोहल के ज्यादा अवशोषित होने के कारण आपको कई तरह के लीवर से जुड़ी बीमारियों जैसे की लीवर में जलन और सिरोसिस होने की संभावना बढ़ जाती है।

अल्कोहल के तुरंत दिखने वाले प्रभाव 

जब भी आप अल्कोहल लेते हैं तो लीवर को इस अल्कोहल को एसिटिक एसिड में बदलने का अतिरिक्त काम करना पड़ता है, जो आगे चलकर एसीटेट में बदलकर मूत्र के रूप में शरीर से बाहर निकलता है। इन सब अतिरिक्त कामों के कारण ,लीवर शरीर को ग्लूकोज़ देने के अपने मुख्य काम से भटक जाता है। ग्लूकोज़ की कमी होने से आपको मिचली,उलटी  सिरदर्द ,थकान जैसी अनुभूति होने लगती है। ग्लूकोज हमारे दिमाग को सही तरीके से चलाने के लिए भी बहुत ज़रूरी है यही कारण है की हैंगओवर के दौरान हम सुस्त हो जाते हैं और दिमाग ठीक से काम नही करता है। पढ़ें - इन 5 कारणों से अल्कोहल बढ़ा सकता है आपका वज़न

अल्कोहल की वजह से लीवर में होने वाले दीर्घकालीन दुष्प्रभाव

अल्कोहल के दीर्घकालीन प्रभाव तो और भी भयानक होते हैं। यह लीवर के सारे कार्यों को प्रभावित करता है और लीवर से जुड़ी बीमारियों के होने का मुख्य कारण है। अल्कोहल के कारण जमे हुए फैट से हमें फैटी लीवर डिज़ीज नामक बीमारी हो जाती है और लीवर में जलन होने के कारण यह आगे चलकर अल्कोहोलिक हिपेटाईटिस जैसी बड़ी बीमारियों में बदल जाता है। अल्कोहल के कारण होने वाली लीवर से जुड़ी बीमारियों में लीवर में जलन होना ,हिपेटाईटिस होने का शुरुवाती लक्षण है। फिर धीरे धीरे कोशिकाओं के मोटे होने के कारण फाइब्रोसिस हो जाता है और अंत में जाकर यह लीवर सिरोसिस जैसी बड़ी बीमारी का रूप ले लेता है।

आपके शरीर का सबसे ज़रूरी अंग होने के बावजूद, जो अपनी क्षमता का 70% हिस्से तक खत्म हो जाने के बाद भी अपना काम करता रहता है, वह सिरोसिस जैसी बीमारियों के कारण पूरी तरह से काम करना बंद कर देता है। इसका मतलब आपके शरीर में सही तरीके से रक्त प्रवाह नही होता और आगे चलकर आपके शरीर में गंदगी और टोक्सिन इक्कठा हो जाते हैं। इसके प्रमुख लक्षण पीलिया,खुजली , नाक से खून आना ,शरीर पर लाल धब्बे, और इम्यून सिस्टम का कमजोर होना है । सिरोसिस के बारे में सबसे भयावह बात यह है कि शुरुवात में इसके कोई लक्षण नहीं दिखते हैं और जब ये एडवांस स्टेज में पहुँच जाता है तब इसके लक्षण दिखने शुरू होते हैं लेकिन तब मरीज के पास ज्यादा वक़्त नही बचता। पढ़ें - शराब पीना छोड़े नहीं तो जिंदगी के आठ साल हो जायेंगे कम

इसलिए जब आप अगली बार अपने दोस्तों के साथ ड्रिंक करने जायें तो इसके अधिक सेवन से होने वाले बुरे परिणामों के बारे में सोच लें और खुद से सवाल करें कि इस एक बोतल से मिलने वाली ख़ुशी क्या आपके पूरे शरीर को ख़राब कर देने से ज्यादा जरुरी है ?

मूल स्रोत - Alcohol and liver disease — what’s the connection?

अनुवादक – Anoop Singh

चित्र स्रोत - Shutterstock


हिन्दी के और आर्टिकल्स पढ़ने के लिए हमारा हिन्दी सेक्शन देखिए। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए न्यूजलेटर पर साइन-अप कीजिए।