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इन 8 लक्षणों से पहचाने कि आप हैं फाइब्रोमायेल्जिया (fibromyalgia) के मरीज

गर्दन और आसपास के हिस्सों में होने वाले दर्द को अनदेखा न करें बल्कि तुरंत नजदीकी डॉक्टर से अपनी जांच करवाएं!

हम अक्सर यह समझते हैं कि मांसपेशियों और जोड़ों का दर्द हमारे जीवनशैली का हिस्सा है जबकि यह स्वास्थ्य से जुड़ी एक गंभीर समस्या है। यही कारण है कि हम फाइब्रोमायेल्जिया (Fibromyalgia) के सामान्य लक्षणों की अनदेखी करते हैं। फाइब्रोमायेल्जिया से पीड़ित व्यक्ति को मांसपेशियों में तेज दर्द के साथ ही थकान  भी अनुभव होता है। अक्सर फाइब्रोमायेल्जिया की सही पहचान और समझ न होने के कारण इसके इलाज में काफी समय लग जाता है। यदि इस बीमारी के बारे में उचित जानकारी और जागरूकता हो तो समय पर इलाज कराया जा सकता है। अपोलो हॉस्पिटल बंगलौर के हड्डी रोग विशेषण डाक्टर प्रशांत पाटिल फाइब्रोमायेल्जिया के कुछ सामान्य लक्षणों के बारे में यहां बता रहे हैं।

फाइब्रोमायल्जिया के प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं-

  • एकाग्रता में कमी : रूमेटिक कंडीशन (Arheumatic condition) में फाइब्रोमायल्जिया शरीर के मस्कुलोस्केलेटल (musculoskeletal )  के कार्य को प्रभावित करता है। यह शरीर के  तंत्रिका तंत्र के कार्य को भी प्रभावित करता है जिसके कारण व्यक्ति में एकाग्रता और याद्दाश्त की कमी की समस्या पैदा होती है।

  • माइग्रेन :  ज्यादा स्ट्रेस के कारण फाइब्रोमायेल्जिया से पीड़ित व्यक्ति हमेशा सिरदर्द और माइग्रेन की समस्या से पीड़ित रहता है। ऐसे में खुद सिरदर्द की दवा खाने की बजाय डॉक्टर के पास जाकर अपनी जांच करवाएं।

  • जबड़े और मुंह में दर्द:  यह फाइब्रोमायल्जिया का सामान्य लक्षण है इसमें मांसपेशियों में जकड़न के कारण आपके जबड़ों में और मुंह में दर्द होने लगता है। अगर ऐसे लक्षण दिखते हैं तो तुरंत किसी हड्डी विशेषज्ञ को दिखाएं।

  • चिंता और तनाव : शरीर में लगातार भारी थकावट और दर्द बना रहता है इसके कारण आप एंग्जायटी के शिकार भी हो सकते हैं। कुछ मामलों में मरीज डिप्रेशन की स्टेज तक पहुँच जाते हैं।

  • सुन्न पड़ जाना : इस बीमारी से पीड़ित होने पर चेहरे, हाथ, बांह और पैरों के कुछ हिस्से सुन्न पड़ जाते हैं या कभी-कभी उनमें कपकंपी होने लगती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इस बीमारी में चेहरे, गर्दन और पैरों की मांसपेशियां और शरीर के जोड़ सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।

  • सेंसिटिविटी बढ़ना :  इस बीमारी से पीड़ित होने पर गंध, शोर, तेज रोशनी, ठंड, दवाओं और कुछ खाद्य़ पदार्थों के प्रति संवेदना बढ़ जाती है। अगर ऐसे लक्षण दिखे तो इसे अनदेखा न करें यह फाइब्रोमाल्जिया के लक्षण हो सकते हैं।

कुछ मामलों में इसके लक्षण एकदम अलग होते हैं या बदलते रहते हैं। इस बीमारी से पीड़ित रोगी को तेज गुस्सा भी आता है। फाइब्रोमायल्जिया के ये लक्षण दिन या हफ्ते तक बने रहते हैं। इसके कारण खानपान में बदलाव, तनाव, दिनचर्या प्रभावित होती है। किसी तनावपूर्ण स्थिति और दुर्घटना के दौरान यह तेजी से बढ़ने लगता है। इसकी तीव्रता मौसम और दिन के समय के अनुसार भी बदलती रहती है। फिर भी स्वस्थ जीवनशैली, भरपूर नींद, नियमित व्यायाम और उचित आराम से इस बीमारी से राहत पाया जा सकता है।

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अनुवादक: Anoop Singh

चित्र स्रोत: Shutterstock

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