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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:22 AM IST
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अनुवादक : Anoop singh
जब भी आपको किसी तरह की कोई चोट लगती है या शरीर का कोई हिस्सा थोडा-सा कट जाता है तब आप बिना किसी डॉक्टर कि सलाह लिये ही उसपर बैंडेज(Bandage) लगा लेते हैं। वैसे भी आजकल बाज़ार में कई रंग बिरंगे बैंडेज आने लगे हैं जैसे की छोटा भीम, एंग्री बर्ड जिसके कारण बच्चों को ये इतने पसंद आते हैं कि छोटी मोटी खरोंच लगने पर भी वे इसे तुरंत चिपका लेते हैं। लेकिन क्या हर चोट पर बैंडेज लगा लेना एक सही तरीका है? हमने इस बारे में अपने विशेषज्ञ मुंबई के जनरल फिजिशियन डॉ आरती उल्लाल से बात की,उन्होंने बताया कि, किसी भी चोट पर बैंडेज लगाया जाना चाहिए या नहीं यह इस बात पर निर्भर करता है कि चोट कितनी ज्यादा है और किस तरह का घाव है। अगर आपको कोई छोटी-सी खरोंच आयी है तो आप मेडिकेटेड बैंडेज का इस्तेमाल कर सकते हैं, हालांकि कुछ घावों में सिर्फ बैंडेज लगाने के बजाय सही से ड्रेसिंग और एंटी-बायोटिक की ज़रूरत पड़ सकती है। अगर चोट या इंजरी पर तेजी से ब्लीडिंग हो रही है तो तुरंत ही डॉक्टर की सलाह लें।
यदि आपको किसी चीज से खंरोच आयी है तो पहले उस घाव को साफ़ पानी से अच्छे से धुल लें फिर किसी तौलिये की मदद से अच्छे से सुखा लें तब उसपर बैंडेज लगायें। आप छोटे-मोटे घावों या स्किन इन्फेक्शन के उपचार में एंटी-बायोटिक ऑइंटमेंट जैसे कि सिप्रोफ्लोक्सेसिन या नियोमाइसिन का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। इसके साथ की कभी भी किसी कटे हुए, छिले हुये या जले हुये स्थान पर तुरंत ही किसी किचन की सामग्री जैसे कि हल्दी या कॉफ़ी इत्यादि का इस्तेमाल न करें। यहाँ बैंडेज के इस्तेमाल से पहले कुछ ध्यान रखने वाली बाते बताई जा रही हैं।
चित्र स्रोत : Shutterstock