... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Read this in English.
अनुवादक: Mousumi Dutta.
हर लड़की के किशोरावस्था में कदम रखते ही महीने के उन दिनों के बेचैनी, दर्द, मूड स्विंग जैसे समस्याओं से गुजरना पड़ता है। अगर आपको पीरियड के पहले या उसके दौरान मूड स्विंग, स्ट्रेस, चिड़चिड़ापन, बेचैनी जैसा महसूस होता है आप प्रीमैच्युर सिन्ड्रोम (premature syndrome, pms) के लक्षणों से गुजर रहे हैं। आप शायद इन लक्षणों से राहत पाने के लिए दवाओं का सहारा ले रहे होंगे। अगर हां, तो क्यों नहीं इसके लिए नैचुरल और घरेलू उपचार का सहारा ले रहे हैं।
कुछ मीठा हो जाये- क्यों सुनने में अजीब लग रहा है। लेकिन ये सच है कि गुड़ पीएमएस के समस्या से लड़ने में बहुत मदद करता है।
ये कैसे काम करता है?
न्यूट्रिशनिस्ट नेहा चांदना का कहना है कि महीने के उन दिनों में शरीर के हार्मोन लेवल बहुत फ्लक्चूएट यानि घटता-बढ़ता रहता है जिसके कारण मूड कभी अच्छा रहता है तो कभी बिल्कुल बिगड़ जाता है। लेकिन इन दिनों गुड़ के नियमित सेवन से एन्ड्रोरफीन हार्मोन (हैप्पी हार्मोन) निकलता है जो न सिर्फ तनाव या अवसाद के स्थिति से बाहर निकालता है वरन् पीएमएस के लक्षणों से भी राहत दिलाता है।
कैसे और कब करेंगे गुड़ का सेवन
रोज सुबह चाय या कॉफी पीने से पहले एक टुकड़ा गुड़ खायें। लेकिन वज़न कम करने के प्रोग्राम में संलग्न है या आपको डाइबीटिज़ है तो डॉक्टर से ज़रूर सलाह ले लें। क्योंकि गुड़ हाई कैलोरी वाला होता है जिसमें 4 किलोकैलोरी/ग्राम रहता है जो ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित कर सकता है।
चित्र स्रोत: Shutterstock