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अनुवादक – Shabnam Khan
जब बात डायबिटीज़ की आती है तो कुछ भी मीठा खाना जोखिमभरा काम हो सकता है क्योंकि मीठा खाने से ब्लड शुगर लेवल अचानक बढ़ जाता है। इसी वजह से ज्यादातर डायबिटीज़ के मरीज़ नैचुरली स्वीट यानी प्राकृतिक रूप से मीठे फलों को भी नहीं खाते। लेकिन, ये गलत है।
कंसल्टेंट डायबिटोलॉजिस्ट डॉक्टर प्रदीप गडगे कहते हैं, ‘डायबिटीज़ के मरीज़ों में इस बात को लेकर बहुत गलतफहमियां हैं कि कौन सा फल खाएं और कौन सा न खाएं। डायबिटीज़ के मरीज़, जिनकी शुगर कंट्रोल में हो, वो हर तरह के फल खा सकते हैं, लेकिन सीमित मात्रा में। इस बात में कोई दोराय नहीं है कि फल मीठे होते हैं लेकिन उनमें प्राकृतिक शुगर होती है और इनमें मौजूद विटामिन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए फायदेमंद होते हैं।’
अगर आप पपीते का पौष्टिक गुण देखो तो आपको मालूम चलेगा कि इसमें कम शुगर होती है (1 कप कटे पपीते में 8.3 ग्राम)। फिर भी, ये काफी मीठा होता है। इस वजह से ये फल डायबिटीज के मरीज़ों के लिए परफेक्ट होता है। इसमें विटामिन ए, विटामिन सी और फाइबर, साथ में कुछ अन्य एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं, जिसकी वजह से डायबिटीज़ के मरीज़ों का दिल की बीमारियों से बचाव होता है। अध्ययन में ये बात सामने आई है कि पपाया एक्स्ट्रैक्ट टाइप 2 डायबिटीज़ के बढ़ने की गति को कम करता है। (इसे भी पढ़ें- पेट की सब तकलीफों का इलाज कच्चा पपीता)
इस वजह से पपीता डायबिटीज़ के मरीज़ों को जरूर खाना चाहिए। लेकिन उससे पहले उन्हें अपने डॉक्टर से इस पर राय लेनी चाहिए कि उन्हें कितनी मात्रा में पपीता खाना चाहिए। डॉक्टर प्रदीप कहते हैं ये डायबिटीज़ की स्टेज पर निर्भर करता है कि इस फल की कितनी मात्रा खाना सही रहेगा।
चित्र स्रोत - Shutterstock