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अनुवादक: Mousumi Dutta
ये तो सभी जानते हैं कि गुनगुने गर्म पानी में नींबू का रस मिलाकर सुबह पीने से वज़न घटने के साथ-साथ इम्यून सिस्टेम भी बेहतर होता है। सबके किचन में हो या फ्रिज में नींबू तो रहता ही है। लेकिन बहुत कम लोगों को ही पता है कि नींबू के छिलके में एन्टी-डाइबिटीक गुण होता है जो ब्लड-शुगर को मैनेज़ करने में मदद करता है। इसलिए अगले दिन जब आप नींबू को निचोड़कर रस को निकालेंगे तब उसके छिलके को न फेंके।
ये कैसे काम करता है:
नींबू के छिलके में पॉलिफेनॉल होता है जो इन्सूलीन रेसिस्टेंट को बेहतर बनाता है। ये वह अवस्था है जब सेल या कोशिका इन्सूलीन हार्मोन के कार्य पर कोई प्रतिक्रिया नहीं करता है। पेट के नीचले अंग में फैट को जमने नहीं देता है। नारिनजीन और हेसपेरीडीन (naringin and hesperidin) यौगिक के उपस्थिति के कारण ये डाइबिटीज़ को कंट्रोल कर पाता है। साथ ही ये लीवर में ग्लूकोज़ के ब्रेकडाउन होने के प्रतिशत को कम करके ग्लूकोज़ मेटाबॉलिज़्म को बाधित करता है। इस तरह ये डाइबिटीज़ को कंट्रोल करने में मदद करता है।
इसका इस्तेमाल कैसे करेंगे?
• आप सलाद में नींबू का रस देने के जगह पर नींबू का छिलका ग्रेट करके छिड़के। इससे सलाद में एक अलग ही फ्लेवर आ जाएगा।
• यहां तक कि आप करी और दाल के टेस्ट को बढ़ाने के लिए दो चम्मच नींबू के छिलका उस पर छिड़क सकते हैं।
• चिकन को मैरीनेट करने या मछली को पकाने के समय नींबू के रस के इस्तेमाल के जगह नींबू का छिलके का इस्तेमाल करें।
अब तो आप जान गए कि नींबू को खरीदने के बाद क्या करना चाहिए और कैसे डाइबिटीज़ में इसका इस्तेमाल करना चाहिए। साथ ही डाइबिटीज़ में अपने दवाई के तरफ ध्यान दें और फिटनेस रूटीन को नियम पुर्वक करें ताकि डाइबिटीज़ को कंट्रोल में कर सके।
चित्र स्रोत: Shutterstock
संदर्भ-