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अनुवादक: Mousumi Dutta
सर्दी का मौसम हो या गर्मी का मौसम हो आजकल लोगों को सर्दी-जुकाम से परेशानी पूरे साल ही रहती है। क्योंकि आजकल ज्यादा से ज्यादा से ऑफिस में एसी लगा रहता है जो सर्दी-खांसी और गला संबंधी इंफेक्शन होने का सबसे बड़ा कारण होता है। फल ये होता है लोग बार-बार डॉक्टर के पास जाकर थक जाते हैं और इस परेशानी से बचने के लिए खुद ही तरह-तरह के दवाईयों को ट्राई करते रहते हैं। और फिर क्या छोटी-सी बीमारी भी बड़ी बीमारी का रूप ले लेती है। तो फिर क्यों नहीं डॉक्टर से पास जाने से पहले इसे नैचुरल तरीके से ठीक करने का प्रयास करें, जिससे कि धीरे-धीरे सर्दी-खांसी होना ही कम हो जाये।
तुलसी का पत्ता एक ऐसा नैचुरल हर्ब है जो हर भारतीय घर में आसानी से मिल जायेगा। इसका औषधीय गुण सालों से इस मामले में असरदार रूप से काम किया है। आयुर्वेद में भी हजारो सालों से इस हर्ब का इस्तेमाल औषधि कर रूप में किया जाता है। तुलसी के पत्ते का निचोड़ सर्दी-जुकाम से राहत दिलाने में बहुत मदद करते हैं। इसमें ऐसे यौगिक पाये जाते हैं जो इम्युन सिस्टेम को बेहतर बनाकर जल्दी ठीक होने में सहायता करते हैं। साथ ही इसमें एसेनशियल ऑयल जैसे कैमफेन, यूजेनॉल और सिनॉले (camphene, eugenol and cineole) होता है चेस्ट कॉन्जेशन से राहत दिलाने के साथ-साथ म्यूकस को भी बाहर निकालता है। जुकाम के दौरान अक्सर छाती में कफ या म्यूकस बैठ जाता है गले से खरखराने जैसी आवाज निकलती है उसको साफ करने में सहायता करती है। तुलसी में एन्टी-बैक्टिरीयल गुण होता है जो श्वास संबंधी बैक्टिरीयल इंफेक्शन को बढ़ने से रोकती है।
लेकिन एक बात का ध्यान रखें कि ये सिर्फ एक घरेलू उपचार है अगर सर्दी-जुकाम से आराम नहीं मिल रहा है तो तुरन्त डॉक्टर से सलाह लें।
चित्र स्रोत: Shutterstock
संदर्भ-
• Priyabrata Pattanayak, Pritishova Behera, Debajyoti Das,1 and Sangram K. Panda Ocimum sanctum Linn. A reservoir plant for therapeutic applications: An overview. Pharmacogn Rev. 2010 Jan-Jun; 4(7): 95–105.